राष्ट्रीय

राजनीतिक दलों को इलेक्टोरल बॉन्ड से मिला 10 हजार करोड़ का चंदा

electoral bonds

इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए देश की राजनीतिक पार्टियों को काफी अधिक चंदा मिला है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अनुसार राजनीतिक दलों को इलेक्टोरल बॉन्ड से मिला चंदा 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक के आंकड़े पर पहुंच गया है. राजनीतिक दलों को इलेक्टोरल बॉन्ड से मिला ये पैसा 2018 के बाद से अब तक मिला कुल पैसा है. रिपोर्ट के अनुसार इस साल 1 जुलाई से 10 जुलाई के बीच राजनीतिक दलों को कुल 389.5 करोड़ रुपये चंदा भी मिला है. यह इलेक्टोरल बॉन्ड की 21वीं सेल के जरिये प्राप्त हुआ है.

एसबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक राजनीतिक दलों को इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिये मिले कुद चंदे की रकम 10,246 करोड़ रुपये है. इस स्कीम को 2018 में पेश किया गया था. इससे पहले इस साल अप्रैल में की गई इलेक्टोरल बॉन्ड की बिक्री के जरिये राजनीतिक दलों को 648.48 करोड़ रुपये का चंदा मिला था.

389.5 करोड़ के ताजा बॉन्ड

इसके साथ ही यह भी जानकारी सामने आई है कि इलेक्टोरल बॉन्ड के ताजा चरण में 475 इलेक्टोरल बॉन्ड राजनीतिक दलों की ओर से भुगतान कराए गए हैं. इनकी कुल कीमत 389.5 करोड़ रुपये है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार यह जानकारी कोमोडोर लोकेश के बत्रा (रिटायर्ड) की ओर से दाखिल की गई आरटीआई पर सामने आई है. एसबीआई को भी इलेक्टोरल बॉन्ड बेचने की मंजूरी है. यह रकम राजनीतिक दलों की ओर से ऐसे समय एकत्र की गई है, जब किसी भी राज्य में हाल ही में कोई भी चुनाव नहीं हैं.

इन ब्रांच से निकाले गए रुपये

एसबीआई के आंकड़ों के अनुसार बैंक की भुवनेश्वर स्थित मेन ब्रांच से जुलाई में 108.5 करोड़ रुपये के इलेक्टोरल बॉन्ड का भुगतान कैश में कराया गया है. जुलाई में ही दिल्ली की मुख्य शाखा से 70 करोड़ रुपये, हैदराबाद मेन ब्रांच से 71 करोड़ रुपये और कोलकाता स्थित मेन ब्रांच से 66.5 करोड़ रुपये निकाले गए हैं. हालांकि कोई भी बड़ा राजनीतिक दल भी चंदे में मिली रकम या उसे देने वाले की जानकारी को उजागर नहीं करता है. लेकिन बैंक की ओर से ही इलेक्टोरल बॉन्ड बेचे जाते हैं, ऐसे में सरकार के पास इसकी जानकारी होती है कि कौन सा व्यक्ति किस राजनीतिक दल को फंडिंग कर रहा है.

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