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कर्नाटक में सिद्धारमैया को पुलिस का नोटिस

कर्नाटक : संशोधित नागरिकता कानून (Citizenship Amendment Act 2019) की आड़ में जारी उपद्रवों पर पुलिस ने नकेल कसनी शुरू कर दी है।

मेंगलुरू के पुलिस कमिश्‍नर ने कांग्रेस नेता सिद्धारमैया को नोटिस जारी किया है। यह नोट‍िस कानून व्‍यवस्‍था बनाए रखने के लिए सिद्धारमैया के मेंगलुरु दौरे के सिलसिले में जारी किया गया है। नागरिकता कानून के खिलाफ हो उपद्रवों के मद्देनजर कर्नाटक के कई जिलों में धारा-144 (Section 144) लागू कर दी गई है।

इस बीच कर्नाटक के मंत्री सीटी रवि ने कांग्रेस नेता यूटी खादर द्वारा की गई टिप्पणी पर पलटवार करते हुए कहा कि ऐसी मानसिकता के साथ लोगों ने गोधरा में आगाई थी और कारसेवकों को मार दिया था। उन्हें याद होना चाहिए कि क्या जवाब दिया गया था।

यदि नहीं तो वह याद कर सकते है। बहुसंख्यक बहुत धैर्यवान हैं, कृपया इतिहास देखें की जब बहुसंख्यकों का धैर्य खत्म हो जाता है तो क्या होता है।

बता दें कि 17 दिसंबर को कांग्रेस नेता यूटी खादर ने कहा था कि मैं कर्नाटक के सीएम को चेतावनी दे रहा हूं कि यदि आप यहां नागरिकता कानून लागू करेंगे तो मैं शपथ लेता हूं कि कर्नाटक को राख की तरह उड़ा दिया जाएगा।

समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक, हुबली, कलबुर्गी, दक्षिण कन्‍नड में धारा-144 के तहत चार लोगों से ज्‍यादा लोगों के जमा होने पर पाबंदी है।

बेंगलुरू में अगले तीन दिनों तक के लिए धारा-144 लगाई गई है। नागरिकता कानून के खिलाफ उत्‍तर प्रदेश के कई जिलों में भी शुक्रवार को हिंसा हुई जिसमें मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। वहीं पुरानी दिल्ली के दरियागंज में प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के सिलसिले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

इस बीच पुलिस ने भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर को शनिवार तड़के जामा मस्जिद के बाहर से हिरासत में लिया। राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्ली के जामा मस्जिद से जंतर मंतर तक मार्च निकालने का एलान करने वाले चंद्रशेखर पुलिसकर्मियों को झांसा देकर मस्जिद में दाखिल हो गई जबकि पुलिस उन्हें हिरासत में लेने के लिए उनकी घंटों तलाश करती रही। पुलिस के बड़े अधिकारी शुक्रवार शाम से उनसे मस्जिद के बाहर आने की अपील कर रहे थे।

आखिरकार, घंटों तक चले सियासी नाटक का अंत शनिवार तड़के करीब तीन बजकर 15 मिनट पर हुआ जब आजाद बाहर आने पर राजी हुए।

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