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छात्रवृत्ति घोटाले में पुलिस ने 2 आरोपियों को किया गिरफ्तार

रानीखेत: उत्तराखंड में बहुचर्चित दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले में पुलिस को एक ओर बड़ी सफलता हाथ लगी है. अल्मोड़ा जिले की रानीखेत पुलिस ने छात्रवृत्ति घोटाले में हापुड़ के पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी व आईओबी बैंक हापुड़ के सहायक प्रबंधक को गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि इनके खिलाफ 14 लाख 23 हज़ार रुपये की छात्रवृत्ति फर्जी दस्तावेजों के आधारर पर हड़पने का मुकदमा दर्ज था.

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, दशमोत्तर छात्रवृत्ति संबंधी अनियमित्ताओं की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था, जिसके बाद कोतवाली रानीखेत में इस घोटाले को लेकर 10 जनवरी 2020 को उपनिबंधक मौनार्ड यूनिवर्सिटी हापुड़ आदि अज्ञात बिचैलियों के विरूद्व जिला समाज कल्याण कार्यालय अल्मोड़ा से प्राप्त छात्रवृत्ति की धनराशि 14 लाख 23 हज़ार 80 रूपये को फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी पूर्वक गबन करने का मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसकी विवेचना उपनिरीक्षक बसंती आर्य द्वारा की जा रही थी.

वहीं, घोटाले में संलिप्त आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीम द्वारा लगातार यूपी के जिलों में दबिश दी जा रही थी. दबिश के दौरान ही पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी हापुड़ राजेश कुमार सक्सेना निवासी अलीगंज, लखनऊ यूपी और आईओबी बैंक हापुड़ सहायक प्रबंधक जैन अब्बास निवासी लखनऊ को रानीखेत पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जिनको पुलिस गिरफ्तार कर यूपी से रानीखेत ला चुकी है और कोर्ट में पेश किया जा रहा है.

उपनिरीक्षक बसंती आर्य ने बताया कि छात्रवृत्ति घोटाले में अभी तक तीन अभियुक्तों की गिरफ्तारी की जा चुकी है, जिसमें से एक अभियुक्त अनुज गुप्ता पुत्र निवासी हापुड़ यूपी जो कि मोनार्ड यूनिवर्सिटी हापुड़ का कर्मचारी था. जिसे बीती 21 मई को गिरफ्तार किया जा चुका है.

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