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ओवैसी ने हमेशा हिंदुओं और साधु संतों का अपमान किया

हरिद्वार : अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद आए असदुद्दीन ओवैसी के बयान को राष्ट्रद्रोह बताया है। कहा कि यदि ओवैसी को भारत में अच्छा नहीं लगता है तो उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए।

शनिवार को प्रेस को जारी बयान में महंत नरेंद्र गिरी ने कहा कि ओवैसी यदि इस तरह की भाषा का दोबारा इस्तेमाल करेंगे तो संत समाज और अखाड़ा परिषद इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। नरेंद्र गिरी ने कहा कि ओवैसी हमेशा से हिंदुओं और साधु संतों का अपमान करते आए हैं। कहा कि भारत में रहना है तो सभी को भारत के संविधान और न्यायपालिका के आदेश का पालन और सम्मान करना होगा।

कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री अमित शाह यह चाहते थे कि न्यायपालिका के आदेश का सम्मान करते हुए राम मंदिर का निर्माण हो तो यह सबसे अच्छा रहेगा। महंत नरेंद्र गिरी ने कहा कि देश में सभी धर्मों के लोग रहते हैं। ऐसे में अगर मंदिर निर्माण को जबरदस्ती करते और इसमें भेदभाव होता तो सामाजिक समरसता नहीं रहती और सांप्रदायिक सौहार्द भी बिगड़ता।

श्रीमहंत नरेंद्र गिरी ने कहा कि स्लाटर हाउस खोले जाने का निर्णय धर्मविरोधी है। इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंगलौर में स्लाटर हाउस निर्माण का कार्य एक सप्ताह के भीतर बंद नहीं होता है तो सभी तेरह अखाड़ों के संत महापुरुष मंगलौर जाकर बड़ा आंदोलन करेंगे।
कहा कि धर्मनगरी की आस्था से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। श्रीमहंत नरेंद्र गिरी ने यह भी कहा कि साधु संतों की मान-मर्यादाओं को ध्यान में रखा जाए। स्लाटर हाउस किसी भी सूरत में खुलने नहीं दिए जाएंगे। महाकुंभ मेला नजदीक है। ऐसे में सरकार मंगलौर में स्लाटर हाउस खोलने की तैयारियां कर रही है, जोकि संतों का अपमान है।

श्रीपंचायती अखाड़ा निर्मल पहुंचे अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद श्रीमहंत नरेंद्र गिरी का कोठारी महंत जसविन्दर सिंह, महंत देवेंद्र सिंह शास्त्री व महंत अमनदीप सिंह ने फूलमाला पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान श्रीमहंत नरेंद्र गिरी ने प्रसन्नता जताते हुए कहा कि संत-महापुरुषों के आशीर्वाद से ही राममंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

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