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कोटद्वार में पुल निर्माण की धीमी गति से नागरिकों में आक्रोश

कोटद्वार: बलगाड गधेरे में जिला योजना से प्रस्तावित पुल से बौठा, भलगांव, बछेली, मदनपुर, धुलगांव आदि गांवों को फायदा होना था. जनता की मांग पर शासन ने पुल निर्माण को स्वीकृति प्रदान करते हुए ₹48 लाख की धनराशि आवंटित की थी, जिसमें लोक निर्माण विभाग को कार्यदायी संस्था थी. विभाग ने वर्ष 2018 में पुल निर्माण कार्य शुरु किया, लेकिन पुल निर्माण 2019 में पूरा नहीं हो सका.

बता दें सबसे ज्यादा परेशानी छात्र-छात्राओं को उठानी पड़ती है. बरसात के दिनों में गधेरे का जलस्तर बढ़ने पर विद्यालय पहुंचना मुश्किल होता है, जिससे पठन-पाठन प्रभावित होता है, वहीं ग्रामीणों ने विभाग और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ धरना प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं.

वहीं ग्रामीण चंद्रमोहन चौधरी ने बताया कि 2018 अक्टूबर माह में पुल बनना शुरु हुआ था, जो अप्रैल 2019 तक बनकर तैयार हो जाना था. एक साल बीत जाने के बाद भी यह पुल अभी तक नहीं बना. ठेकेदार द्वारा नदी के दोनों तरफ केवल पिलर खड़े किए गए हैं.

दूसरी ओर क्षेत्र पंचायत सदस्य यशपाल रावत ने बताया कि पुल निर्माण से चार- पांच गांवों को लाभ मिलना था, जिसमें भलगांव, बछेती, बौंठा, धुलगांव,मदनपुर हैं, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी पुल नहीं बन सका, जबकि पुल को 6 महीने के अंदर तैयार होना था. जिला योजना के अंतर्गत इस पुल के लिए 54 लाख रुपए स्वीकृति किए गए थे ₹ 48 लाख में पुल का टेंडर जारी हुआ था.

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