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कामकाजी सत्र में बिखरा सा नजर आया विपक्ष

देहरादून: विधानसभा का शीतकालीन सत्र कामकाज के लिहाज से बेहतर रहा। पांच दिन तक चले सदन में कई अहम विधेयक पारित हुए तो प्रश्नकाल के दरम्यान कई अहम सवाल सदस्यों ने उठाए।

अलबत्ता, पूरे सत्र के दौरान विपक्ष बिखरा नजर आया। तमाम मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए रणनीति का अभाव दिखा, जिसका सत्तापक्ष ने फायदा भी उठाया। वहीं, सत्र के दरम्यान उठे सवालों का जवाब देने के मामले में मंत्रियों के होमवर्क में कमी भी झलकी।

चार दिसंबर से शुरू हुआ शीतकालीन सत्र मंगलवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। सत्र की शुरुआत से ही विपक्ष कुछ बिखरा सा दिखा।

हालांकि, विपक्ष ने गैरसैंण में विधानसभा सत्र, चारधाम श्राइन बोर्ड, गन्ना किसानों को भुगतान, टीएचडीसी, परिवहन निगम की बसों से जुड़े मसले जरूर उठाए, मगर सरकार को घेरने की जैसी रणनीति होनी चाहिए था, उसका अभाव साफ नजर आया।

कई मसलों पर विपक्ष बिखरा-बिखरा सा दिखा। हालांकि, इसके पीछे कम संख्याबल के साथ ही विपक्ष की अंदरूनी सियासत को कारण माना जा रहा है।

अलबत्ता, कामकाज के नजरिये से सत्र बेहतर रहा, लेकिन मंत्रियों के होमवर्क में कमी नजर आई। यही वजह भी रही कि प्रश्नकाल के दौरान कई मर्तबा सरकार के मंत्री अपने विधायकों के सवालों पर घिरे भी रहे।

कई सवालों का जवाब देने के लिए मंत्रियों को इंतजार तक करना पड़ा। बावजूद इसके विधायी कामकाज समेत अन्य मामलों में ये सत्र अच्छा माना जा सकता है।

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