राष्ट्रीय

अब रोबोटिक सिस्टम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस होगी भारतीय सेना

भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए भारत ने अपनी तैयारी को धार देना शुरू कर दिया है. चीन हो या पाकिस्तान, अब भारतीय सेना के लिए मुश्किल से मुश्किल काम आसान हो जाएंगे. दुनिया के कई देशों की सेनाएं अपने काम आसान बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर रहीं हैं और अब भारतीय सेना भी इससे लैस होने जा रही है.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को आसान भाषा में कहें तो मशीन को इस तरह से बनाना, ताकि वो इंसानों की तरह सोच-समझ सके और फैसले ले सके. इस तकनीक की मदद से ही ऐसे रोबोट बनाए जा रहे हैं, जो इंसानों की तरह बर्ताव करेंगे.

एआई बेस्ड प्रोडक्ट्स लॉन्च करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इस बात का सबूत है कि मनुष्य इस दुनिया का सबसे विकसित प्राणी है.

उन्होंने कहा कि जब युद्धों में इंसानों की भागीदारी रही है, तो अब एआई की मदद से ऑटोनोमस वेपन सिस्टम बनाए जा रहे हैं. ये इंसानों की मदद के बिना ही दुश्मनों के ठिकानों को नष्ट कर सकती है. इससे जवानों को भी ट्रेनिंग देने में मदद मिल रही है. उन्होंने बताया कि आने वाले समय में ऑगमेंटेड और वर्चुअल रियलिटी का भी इस्तेमाल किया जाएगा.

राजनाथ सिंह ने कहा कि भविष्य के युद्ध में एआई की अहम भूमिका को ध्यान में रखते हुए हथियारों और सिस्टम को डेवलप किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि जो भी एआई के क्षेत्र में दिग्गज बनेगा, वो दुनिया का शासक बन जाएगा. हालांकि, भारत का इरादा दुनिया पर शासन करना नहीं है, हम वसुधैव कुटुम्बकम पर विश्वास रखते हैं. लेकिन हमें अपनी एआई टेक्नोलॉजी को विकसित करना चाहिए, ताकि कोई भी देश हम पर शासन करने के बारे में भी न सोच सके.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बने 75 प्रोडक्ट्स को लॉन्च किया. इन प्रोडक्ट्स को भारतीय सेना को सौंप दिया गया है.

राजनाथ सिंह ने जिन प्रोडक्ट्स को लॉन्च किया, उनमें- एआई प्लेटफॉर्म ऑटोमेशन, ऑटोनोमस/ अनमैन्ड/ रोबोटिक्स सिस्टम, ब्लॉक चेन आधारित ऑटोमेशन, कमांड, कंट्रोल, कम्युनिकेशन, कम्प्यूटर एंड इंटेलिजेंस, सर्विलांस और टोही, साइबर सिक्योरिटी, ह्यूमन बिहेवरियल एनालिसिस, इंटेलिजेंट मॉनिटरिंग सिस्टम, लीथल ऑटोनोमस वेपन सिस्टम, लॉजिस्टिक और सप्लाई चेन मैनेजमेंट, ऑपरेशनल डेटा एनालिटिक्स, मैनुफैक्चरिंग और मेंटेनेंस, टेस्ट इक्विपमेंट्स और स्पीच या वॉइस एनालिसिस शामिल हैं.

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