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हाईवे से लगे सोनला में नहीं मिलते सिग्नल

गोपेश्वर : चमोली जिले के सोनला क्षेत्र की एक हजार की आबादी दूरसंचार सुविधा के लिए मोहताज है। दूरसंचार निगम से लेकर शासन-प्रशासन को इस बारे में कई बार अवगत कराया जा चुका है।

खास बात यह है कि यह क्षेत्र सुदूरवर्ती इलाका नहीं बल्कि नेशनल हाईवे से लगा हुआ है, जहां से होकर चारधाम यात्री गुजरते हैं।

इतना ही नहीं स्थानीय लोगों ने इस क्षेत्र को संचार सेवा से जोड़ने के लिए पत्राचार भी किया। लेकिन आज तक इस ओर ना तो प्रशासन ने ध्यान दिया और ना ही सरकार ने संचार सेवा बहाल करने की कोशिश की।

चमोली जिले के कई सुदूरवतर्ती क्षेत्रों में आज भी दूरसंचार सेवा दिवास्वप्न है। जिले के पाणा, ईराणी, डुमक समेत कई गांवों में दूरसंचार सुविधा के लिए लोग मोहताज हैं।

ये तो जिले के ऐसे दूरस्थ इलाके हैं जहां 15 से लेकर 18 किमी तक पैदल आवाजाही कर लोग पहुंचते हैं। जिले के कर्णप्रयाग विकासखंड का सोनला क्षेत्र नेशनल हाईवे से लगा हुआ है।

नंदप्रयाग के निकट इस क्षेत्र में यात्राकाल के दौरान हजारों यात्रियों की आवाजाही होती है। इस इलाके में एक हजार की आबादी भी निवास करती है। लेकिन यह क्षेत्र आज भी दूरसंचार सुविधा से वंचित है।

दरअसल, सोनला से तीन किमी की दूरी पर स्थित नंदप्रयाग में दूरसंचार सुविधा उपलब्ध है। जबकि सोनला से सात किमी आगे लंगासू में भी दूरसंचार सुविधा उपलब्ध है।

स्थानीय निवासी तेजवीर सिंह कंडेरी का कहना है कि सोनला क्षेत्र हाईवे से लगा होने के बावजूद आज तक यहां के लोगों के लिए दूरसंचार सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है।

उनका कहना है कि कई दफा दूरसंचार निगम, प्रशासन, शासन से पत्राचार करने के बावजूद यहां टावर नहीं लगाया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोग मायूस हैं। सोनला में टावर संबंधी प्रस्ताव उनके पास नहीं आया है। अगर प्रस्ताव आता है तो उपभोक्ताओं की संख्या देखकर टावर लगाने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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