देश/प्रदेश

नैनीताल के बेतालघाट अस्पताल के डॉक्टरों को कोई भी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं

नैनीताल: केंद्र और राज्य सरकार ने देश भर के डॉक्टरों को कोरोना से संक्रमित मरीजों का उपचार करने के लिए जरूरत की सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं. मकसद ये है कि सभी डॉक्टर मरीजों के साथ ही अपना ध्यान भी दे सकें. लेकिन नैनीताल के बेतालघाट में डॉक्टरों को कोई भी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं की गई है. ऐसे में यहां के डॉक्टर अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों का इलाज करने को मजबूर हैं.

केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से भले ही देशभर के डॉक्टरों को मास्क, ग्लब्स और सेनिटाइजर सहित जरूरत का हर समान उपलब्ध कराया गया हो, जिससे डॉक्टर खुद को सुरक्षित रख मरीजों का इलाज कर सके. लेकिन नैनीताल के डॉक्टरों को इस तरह की कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है. उधर कोरोना पीड़ितों की संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है. ऐसे में डॉक्टर अपनी जान पर खेल कर इन मरीजों का इलाज कर रहे हैं. यहां न तो डॉक्टरों को सुरक्षा किट मुहैया कराई गई है और न ही अस्पताल स्टाफ को. जबकि प्रतिदिन ग्रामीण क्षेत्रों से सैकड़ों की तादाद में लोग उपचार कराने के लिए पहुंच रहे हैं. ऐसे में इलाज कर रहे डॉक्टरों पर भी इस संक्रमण का खतरा हो सकता है.

वहीं, हॉस्पिटल के डॉक्टरों का कहना है, कि सभी ने खुद के पैसों से सुरक्षा किट मंगवाई है, जिससे कोरोना के संक्रमण से बचा जा सके. बताया जा रहा है, कि नैनीताल के बेतालघाट हॉस्पिटल में तीन डॉक्टर और करीब 22 लोगों का स्टाफ है, जो बगैर किसी सुरक्षा उपकरण के लोगों का उपचार करने को मजबूर है. डॉक्टरों ने बताया कि अभी हाल ही में यूएसए एक व्यक्ति अपने गांव लौटा था, जिसके बाद उसे अस्पताल के डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है.

विशेष