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नितिन गडकरी ने हाइड्रोजन से चलने वाली कार से की संसद तक की सवारी

अब भारतीय सड़कों पर भी जल्दी ही हाइड्रोजन कारें (Hydrogen Car) फर्राटा मारते दिखने वाली हैं. बहुप्रतीक्षित पहली हाइड्रोजन कार भारत में अपना सफर शुरू कर चुकी है. केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने आज बुधवार को इसकी (Toyota Mirai) सवारी की.

धुआं नहीं, पानी छोड़ती है ये कार

केंद्रीय मंत्री इस एडवांस्ड कार में सवार होकर आज संसद पहुंचे. इस दौरान स्वच्छ ईंधन पर चलने वाली यह कार लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही. इस कार को टोयोटा (Toyota) कंपनी के पायलट प्रोजेक्ट के तहत बनाया गया है और इसमें एडवांस फ्यूल सेल लगाया गया है. यह एडवांस सेल ऑक्सीजन (Oxygen) और हाइड्रोजन (Hydrogen) के मिश्रण से बिजली पैदा करता है. इसी बिजली से कार चलती है. उत्सर्जन के रूप में इस कार से सिर्फ पानी निकलता है.

केंद्रीय मंत्री ने बताया भारत का फ्यूचर

नितिन गडकरी ने कहा कि यह कार पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल है और इससे किसी तरह का प्रदूषण (Pollution) नहीं फैलता है. उन्होंने कहा कि यह कार भारत का फ्यूचर है. पेट्रोल और डीजल इंजन वाली कारों से काफी प्रदूषण फैलता है, लेकिन हाइड्रो फ्यूल सेल कार से बिलकुल भी प्रदूषण नहीं होता है.

नाम का मतलब ही है फ्यूचर

टोयोटा किर्लोस्कर मोटर्स (Toyota) ने इंडियन मार्केट में हाल में अपनी हाइड्रोजन कार Toyota Mirai लॉन्च की थी. हाइड्रोजन फ्यूल सेल पर चलने वाली देश की इस पहली कार को गडकरी ने ही लॉन्च किया था. गडकरी ने इस कार को फ्यूचर यूं ही नहीं बताया. दिलचस्प बात ये है कि कार के नाम का अर्थ भी यही है. जापानी भाषा के ‘मिराई’ शब्द का मतलब ही फ्यूचर यानी भविष्य है.

ऐसे काम करती है ये कार

Toyota ने इस कार के लिए हाइड्रोजन बेस्ड फ्यूल सेल सिस्टम डेवलप किया है. दरअसल ये भी एक इलेक्ट्रिक गाड़ी है, जो हाइड्रोजन यूज कर चलने के लिए जरूरी इलेक्ट्रिसिटी बनाती है. इसके फ्यूल टैंक से हाइड्रोजन की सप्लाई Fuel Cell Stack को की जाती है. यह कार चारों ओर हवा में मौजूद ऑक्सीजन को खींचती है. फिर इन दोनों गैसों के केमिकल रिएक्शन से पानी (H2O) और बिजली जेनरेट होती है. बिजली का इस्तेमाल कार को चलाने में होता है, जबकि पानी साइलेंसर से बाहर आ जाता है.

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