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धारचूला और झूलाघाट में फंसे हैं 1250 नेपाली नागरिक

धारचूला के बलुवाकोट में भोजन करते नेपाली मजदूर

धारचूला/झूलाघाट(पिथौरागढ़)। लॉकडाउन के कारण नेपाल पुल के गेट बंद होने से धारचूला में लगभग एक हजार नेपाली नागरिक फंसे हैं। इन सभी नेपाली नागरिकों को स्कूल भवनों में ठहराया गया है। इनके लिए भोजन की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा स्वास्थ्य जांच के लिए चिकित्सकों की टीम भी तैनात है। झूलाघाट में भी लगभग 250 नेपाली फंसे हुए हैं।
कोरोना के कारण घरों को लौटने की चाह में धारचूला पहुंचे नेपाली नागरिकों को बलुवाकोट और धारचूला के राहत शिविरों में रहना पड़ रहा है। दोनों स्थानों पर लगभग 957 नागरिक शिविरों में रह रहे हैं। नेपाल में लॉक डाउन के कारण फिलहाल झूला पुल के गेट खुलने के आसार नहीं हैं। हालांकि सभी के लिए भोजन की व्यवस्था की जा रही है लेकिन सीमा पर फंसने से यह लोग परेशान हैं। इस शिविर में एक पांच साल का बच्चा उद्धव भी अपने माता-पिता और भाई के साथ यहां पर फंसा हुआ है।
नेपाली महिला मजदूर देवकाली ने बताया कि वह अपने पति प्रेम बहादुर के साथ चार महीने से मजदूरी कर रही थी। झूलापुल बंद होने से वह यहीं पर फंस गई है। तीन दिनों से जवाहर नबियाल स्टेडियम के राहत शिविर में रह रहे 327 नेपाली मजदूरों के साथ रह रही है। शिविर में कुल आठ महिलाएं हैं। देवकाली गर्भवती है। बृहस्पतिवार को मीडिया कर्मी शालू दताल ने इसकी जानकारी एसडीएम और बाल विकास की परियोजना अधिकारी गायत्री कुटियाल को दी।
एसडीएम ने गर्भवती महिला और अन्य सात महिलाओं की पौष्टिक आहार देने के निर्देश दिए। इधर झूलाघाट में भी 250 नेपाली फंसे हुए हैं। सात और नेपाली बृहस्पतिवार को झूलाघाट पहुंचे। राजस्व उपनिरीक्षक गोपाल डीनिया ने बताया कि सभी को स्कूलों में रखा गया है। सभी को सुबह शाम भोजन कराया जा रहा है।

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