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राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने आतंकवाद से जुड़े गैंगस्टरों के 60 ठिकानों में रेड मारी

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) आज गैंगस्टरों के आतंकवाद से जुड़े एक मामले में 60 ठिकानों में रेड मारी. इनमें से कुछ गैंगस्टर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या में भी शामिल हैं. अधिकारियों ने बताया कि पंजाब, उत्तर प्रदेश और हरियाणा तथा गोल्डी बरार और जग्गू भगवानपुरिया के आवास समेत अन्य ठिकानों पर छापे मारे गाए. ये दोनों मूसेवाला की हत्या के मामले में भी आरोपी हैं. एनआईए पंजाब से ड्रग्स तस्करी गिरोह की कथित संलिप्तता तथा बाद में इस धन का इस्तेमाल आतंकवाद संबंधित गतिविधियों में करने संबंधी एक मामले की जांच कर रही है.

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने आज विदेशों से और सलाखों के पीछे काम करने वाले गैंगस्टरों पर नकेल कसने के लिए पूरे भारत में विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार को गिरोह और अपराध सिंडिकेट पर नकेल कसने के लिए पूरे भारत में 60 स्थानों पर छापे मारे. ये छापेमारी दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल द्वारा लॉरेंस बिश्नोई गिरोह, बंबिहा गिरोह और नीरज बवाना गिरोह के 10 गैंगस्टरों के खिलाफ दर्ज दो एफआईआर के बाद हुई है.

लॉरेंस बिश्नोई गैंग

एनआईए की छापेमारी भारत और विदेशों में जेलों के अंदर से संचालित होने वाले गिरोहों पर नकेल कसने के लिए की जा रही है. दिल्ली पुलिस की एफआईआर में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के कई सदस्यों का नाम दिया है. इसमें खुद लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बरार, विक्रम बरार, जग्गू भगवानपुरिया, संदीप, सचिन थापन और अनमोल बिश्नोई शामिल हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि ये गैंगस्टर कनाडा, पाकिस्तान और दुबई में देश और विदेशों से अलग-अलग जेलों से काम कर रहे हैं.

गोल्डी बरार ने ली थी जिम्मेदारी

लॉरेंस बिश्नोई सिद्धू मूसे वाला हत्याकांड का मुख्य आरोपी है. सूत्रों के मुताबिक, 7 अगस्त 2021 को मोहाली में अपने दोस्त और यूथ अकाली दल के नेता विक्रमजीत मिद्दुखेड़ा की गोली मारकर हत्या करने के बाद बिश्नोई ने मूसे वाला को मारने की कसम खाई थी. गोल्डी बरार ने एक फेसबुक पोस्ट में सिद्धू मूसे वाला पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी. गोल्डी बरार ने कहा था कि सिद्धू मूसे वाला की हत्या के पीछे सचिन बिश्नोई धत्तरनवाली, लॉरेंस बिश्नोई और मैं हैं.

बंबिहा गंगा

UAPA के तहत एक और एफआईआर दर्ज की गई. इसमें लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के प्रतिद्वंद्वी, बंबिहा गिरोह के सदस्य थे. इनमें आर्मेनिया से संचालित लकी पटियाल, हरियाणा जेल में बंद कौशल चौधरी और तिहाड़ जेल में बंद नीरज बवाना शामिल हैं. 2016 में एक मुठभेड़ में दविंदर बंबिहा के मारे जाने के बाद बांबिहा गिरोह के संचालन के पीछे लकी पटियाल मास्टरमाइंड है. गिरोह ने यूथ अकाली दल के नेता विक्रमजीत मिद्दुखेड़ा की हत्या की जिम्मेदारी ली थी, जो लॉरेंस बिश्नोई समूह के लिए काम करता था.

मूसेवाला की मौत की बदला

मूसेवाला की मौत के बाद बांबिहा गिरोह ने कथित तौर पर एक सोशल मीडिया पोस्ट किया था. इसमे कहा गया था कि बिश्नोई और बरार को पंजाबी गायक को नहीं मारना चाहिए था. एनआईए की रिपोर्ट के मुताबिक, नीरज सेहरावत उर्फ ​​नीरज बवाना और उसका गिरोह मशहूर हस्तियों की हत्या और सोशल मीडिया पर आतंक फैलाने में शामिल है. सूत्रों के अनुसार नीरज बवाना और उसका गिरोह भी इस समय लॉरेंस बिश्नोई के साथ गैंगवार में शामिल है. पंजाबी गायक-राजनेता सिद्धू मूसेवाला की हत्या के कुछ घंटों बाद नीरज बवाना ने घोषणा की थी कि वे गायक की मौत का बदला लेंगे.

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