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हाईकोर्ट ने दून वैली में संचालित स्‍लाटर हाउसों का डीएम से मांगा पूरा ब्‍यौरा

नैनीताल : हाईकोर्ट ने दून वैली में जिंदा जानवरों के आयात पर रोक लगाने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने जिलाधिकारी को दो सप्ताह में यह बताने को कहा है कि दून घाटी में कितने स्लाटर हाउस हैं, जिनके पास भारत सरकार की एनओसी है। साथ ही ऐसे कितने स्लाटर हाउस रेड कैटेगरी में हैं, जिनका रोजाना वेस्टेज 500 किलो लीटर से अधिक है। कोर्ट ने डीएम से दो सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है। अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी।

मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ में देहरादून निवासी वरुण सोबती की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने एक आदेश जारी कर दून वैली को रेड जोन में रखा गया है। देहरादून में कोई भी स्लाटर हाउस नहीं होने के बावजूद यहां जिंदा जानवरों का दून वैली में आयात किया जा रहा है। याचिकाकर्ता ने दून वैली में जिंदा जानवरों के आयात पर पूर्णतः रोक लगाने की मांग की है। दलील में कहा कि गया है चीन में कोरोना का वायरस भी पशुओं की मंडी से फैला है। ऐसे में जिंदा जानवरों को लाने व उनके वध पर रोक लगाने का आदेश पारित करने की याचना की गई है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता कार्तिकेय हरिगुप्ता ने बताया कि देहरादून घाटी के लिए 1989 व 2020 में अलग-अलग नोटिफिकेशन जारी किए हैं।

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