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नगर निगम कोटद्वार ने सेनिटाइज करने के लिए 43 स्प्रे मशीनों की खरीद-फरोख्त

कोटद्वार: देशभर में कोरोना वायरस के चलते लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं. कोरोना वायरस न फैले इसके लिए नगर निगम कोटद्वार ने सेनिटाइजर करने के लिए 43 स्प्रे मशीनें खरीदीं. पार्षदों ने आरोप लगाया कि नगर निगम ने घटिया किस्म की मशीनें खरीदी हैं. उन्होंने इसे सरेआम सरकारी धन का दुरुपयोग बताया. पार्षदों का आरोप है कि अभी लॉकडाउन के आठ दिन ही बीते हैं और मशीनें खराब हो गई हैं.

नगर निगम द्वारा खरीदी खराब मशीनों पर पार्षदों ने कई सवाल उठाए. पार्षदों का कहना है कि स्प्रे करने वाली घटिया मशीनों की जांच होनी चाहिए. जिस ठेकेदार के द्वारा यह मशीनें खरीदी गई हैं उसे तत्काल ब्लैक लिस्ट किया जाना चाहिए. अगर ऐसा नहीं किया गया तो आने वाले समय में सभी पार्षद नगर निगम के खिलाफ धरना प्रदर्शन करेंगे.

क्षेत्र के वार्ड नंबर 11 के पार्षद विपिन डोबरियाल ने कहा कि 20 मार्च को 13 मशीन आई थीं. 25 मार्च को 30 मशीनें स्प्रे करने के लिए खरीदी गई थीं. उन्होंने कहा अगर नगर निगम को ठेकेदार को मशीन दान करनी थी तो 25 तारीख से पहले ही दान की घोषणा कर देनी चाहिए थी. विपिन डोबरियाल ने कहा कि उन्होंने घटिया स्प्रे मशीन के बारे में सोशल मीडिया पर लिखा था. उन्होंने ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने की मांग भी की थी. उनकी पोस्ट के तुरंत बाद ही नगर निगम के अधिकारियों ने ठेकेदार से मिलीभगत कर मशीनें दान में देने की घोषणा करवा दी. नगर में सेनिटाइजर का छिड़काव ट्रैक्टर वाली मशीन से सिर्फ दो ही वार्डों में किया जा रहा है. बाकी वार्डों में अभी तक कोई छिड़काव नहीं किया गया है. ट्रैक्टर वाली मशीन का पाइप भी फट चुका है. इसकी भी जांच होनी चाहिए.

वार्ड नंबर 4 के पार्षद कुलदीप कांबोज ने बताया कि 25 तारीख को उन्हें भी एक मशीन नगर निगम से मिली थी. सभी वार्डों के पार्षदों को ये मशीनें दी गई थीं. अब सभी वार्डों से शिकायत आ रहीं थी कि उनके पाइप फट चुके हैं. पाइपों से लीकेज हो रहे हैं. पार्षदों ने मशीनों की जांच करने की मांग की है.

 

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