उम्मीदें

सरकारी अभिलेखों के रख रखाव के लिए मोरी के पेंसर गांव को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान

पुरोला: विकास कार्यों में जन सहभागिता एवं कार्यों में गुणवत्ता समेत सरकारी अभिलेखों के बेहतर रख रखाव को लेकर मोरी के पेंसर गांव को राष्ट्रीय सम्मान मिलेगा। पंडित दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार के लिए ग्राम पंचायत की श्रेणी में पेंसर गांव का चयन हुआ है। जबकि क्षेत्र पंचायत की श्रेणी में इस पुरस्कार के लिए पुरोला ब्लाक चयनित हुआ है। पंचायती राज दिवस के अवसर पर 24 अप्रैल को यह पुरस्कार दिया जाएगा।

उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से 176 किलोमीटर दूर मोरी ब्लाक का पेंसर गांव सड़क से जुड़ा हुआ है। गांव में निरंतर विकास कार्य चल रहे हैं। पूरी पारदर्शिता के साथ गांव की पंचायत बैठक में लेखा-जोखा ग्रामीणों के सम्मुख रखा जाता है। जिससे गांव के निर्माण कार्यों में भी गुणवत्ता बनी रहती है। पेंसर गांव के प्रधान सोबेंद्र सिंह रावत ने बताया के बीते जनवरी माह में केंद्र सरकार की ओर से एक टीम आयी थी। जिसने गांव में विभिन्न विकास कार्यों का सर्वे किया। साथ ही गांव में हुए कार्यों के दस्तावेजों के रखरखाव को देखा। पुरोला विकास खंड की ब्लाक प्रमुख रीता पंवार ने कहा कि पुरोला ब्लाक का चयन पंडित दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार के लिए हुआ है।

यह उपलब्धि ब्लाक के अधिकारियों, पंचायत राज विभाग के कर्मियों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, जिला पंचायत सदस्यों की जन सहभागिता के कारण संभव हो पाया है। वहीं पुरोला के विधायक दुर्गेश्वर लाल, क्षेत्र पंचायत प्रमुख मोरी बचन पंवार व जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह रावत ने पुरोला ब्लाक व मोरी के पेंसर गांव का राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयन होने पर दोनों को बधाई दी है।

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