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मोरी के गांवों में फसलों की सुरक्षा के लिए तारबाड़ लगाने के नाम पर लाखों रुपये की हेराफेरी

पुरोला : गोविद नेशनल पार्क एवं पशु विहार मोरी के गांवों में फसलों की सुरक्षा के लिए तारबाड़ लगाने के नाम पर लाखों रुपये की हेराफेरी करने के मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। तहसीलदार की ओर से इस मामले में तीन माह पहले जांच रिपोर्ट में तत्कालीन उपनिदेशक, रेंज अधिकारी, बीट अधिकारी व संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की संस्तुति की गई थी, लेकिन अभी तक मामले में कार्रवाई नहीं हुई है।

पार्क क्षेत्र की सुपीन रेंज के नैटवाड़ नरोरा बीट में जंगली जानवरों से फसल सुरक्षा को लेकर वर्ष 2019 में मानव वन्यजीव संघर्ष योजना के तहत 9.98 लाख रुपये की तारबाड़ व सुरक्षा दीवार लगाने का बजट स्वीकृत किया। मार्च 2021 में निविदा भी प्रकाशित हुई तथा बजट का भी आहरण हुआ, लेकिन धरातल पर न तो सुरक्षा दीवार मिली और न तो तारबाड़ का काम हुआ है। अधिकारियों व ठेकेदार ने मौके पर 500 मीटर लंबी एक सुरक्षा दीवार दिखाई, लेकिन जब दीवार की जांच की गई तो वर्ष 2018 में अन्य मदों से बनाई थी।

पार्क क्षेत्र में यह भ्रष्टाचार का मामला तब खुला जब क्षेत्र के ग्रामीणों ने लाखों रुपये का भुगतान बिना कार्य किए ही किया। इसकी भनक जब ग्रामीणों को लगी तो ग्रामीणों ने सितंबर 2021 में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित को की। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी सोहन सिंह सैनी को मामले में जांच के निर्देश दिए। सितंबर में ही एसडीएम सोहन सिंह सैनी ने जांच तहसीलदार मोरी को सौंपी। तहसीलदार ने भी पार्क के संबंधित कर्मचारियों के साथ निर्माण स्थल का मौका मुआयना कर धरातल पर स्वीकृत धनराशि के अनुरूप न तो तारबाड मिली और न सुरक्षा दीवार लगाई मिली। तहसीलदार ने अपनी रिपोर्ट में भ्रष्टाचार का काले कारनामे का उल्लेख कर उसी दौरान रिपोर्ट उपजिलाधिकारी को सौंप दी थी।

रिपोर्ट में तत्कालीन उपनिदेशक रेंज अधिकारी, वन बीट अधिकारी एवं संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध सरकारी धन का दुरुपयोग करने पर विधिक कार्रवाई करने की संस्तुति की थी, लेकिन सितंबर से लेकर दिसंबर तक तहसीलदार की रिपोर्ट प्रशासन की फाइलों में ही धूल-फांकती रही। उपजिलाधिकारी सोहन सिंह सैनी ने बताया कि एक दिसंबर को जांच रिपोर्ट उनको मिली है। तहसीलदार की जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन उपनिदेशक कोमल सिंह, सांकरी रेंज अधिकारी एसएल सैलानी, बीट अधिकारी अनिल बिष्ट, ठेकेदार शंकर सिंह राणा के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की संस्तुति को लेकर उन्होंने जिलाधिकारी उत्तरकाशी को रिपोर्ट भेजी है।

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