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जमीन मामले में मीडिया सलाहकार की दो टूक, जाँच से सब कुछ साफ़ हो जायेगा

 मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के मीडिया सलाहकार और वरिष्ठ पत्रकार रमेश भट्ट ने खुद पर लगे जमीन संबंधी आरोपों का सादगी से जवाब दिया है। रमेश भट्ट ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर अपनी बात कही है। रमेश भट्ट ने कहा कि सत्य को कोई असत्य में बदल ही नहीं सकता। जिन्होंने उन पर और उनके भाई पर आरोप लगाए हैं, पहले उनकी पृष्ठभूमि देख ली जाए। मैंने खुद उस जमीन की जांच कराने का अनुरोध किया है जिसको लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं।

रमेश भट्ट ने इस संबंध में अपने सोशल मीडिया पोस्ट में जो लिखा है उसे यहां शब्दश: प्रकाशित किया जा रहा है….

सोशल मीडिया में, कुछ न्यूज़ पोर्टल में मुझसे जुड़ा एक समाचार तैर रहा है। उसके बारे में बाद में बताऊंगा, पहले स्पष्ट कर दूं कि यह समाचार असत्य है, भ्रामक हैं और इसका सच्चाई से कुछ भी लेना देना नहीं है। किसी पर आरोप लगाकर किसी व्यक्ति की सामाजिक प्रतिष्ठा कुछ समय के लिए प्रभावित की जा सकती है, लेकिन सत्य, सत्य होता है। आरोप लगाना और प्रमाणित करना दोनों में जमीन आसमान का अंतर है।

मैं एक स्वच्छ छवि के राजनेता की टीम का सदस्य हूं और अपनी व्यक्तिगत तथा सामाजिक जिम्मेदारियों को बख़ूबी जानता हूं। खबरों में मुझ पर जमीन पर कब्जे का आरोप लगाया गया है। मेरे जानने वाले मित्रों, शुभचिंतकों के लिए यह हास्यास्पद के अतिरिक्त कुछ नहीं है। मैं सामान्य पृष्ठभूमि से आता हूं, आरोप लगाने वाले सज्जनों की पृष्ठभूमि भी खंगाल ली जानी चाहिए कि कौन इन कृत्यों का पेशेवर और माहिर हैं, किन पर ग़ैरक़ानूनी कब्जे, सैंकड़ों मुकदमे,आय से अधिक के साथ साथ बेनामी संपत्ति के आरोप हैं।

मेरा अपने सभी मित्रों से विशेषकर मीडिया के मित्रों से एक मूलतः मीडियाकर्मी होने के नाते अनुरोध है।पूरे प्रकरण में सच्चाई का साथ दें। आरोप लगाने वाले सज्जनों का आभार प्रकट करूंगा कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से मुझे परीक्षण हेतु चुना। दूध का दूध और पानी का पानी होने तक प्रतीक्षा करें, मैंने स्वयं जांच का अनुरोध किया है।जाँच जारी है।