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केदारनाथ पैदल मार्ग पर खोले जाएंगे मसाज सेंटर

रुद्रप्रयाग,अगले सीजन में केदारनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं को कई बदलाव देखने को मिलेंगे। पैदल मार्ग पर घोड़े-खच्चरों पर सवार यात्री हेलमेट पहनेंगे। इसके अलावा पैदल मार्ग पर यात्रियों की थकान दूर करने के लिए मसाज सेंटर खोले जाएंगे। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए ये फैसले किए गए हैं।

इस बार केदारनाथ में रिकार्ड श्रद्धालुओं के पहुंचने से प्रशासन उत्साहित है। यह पहला मौका है जब एक सीजन में दस लाख से ज्यादा श्रद्धालु यहां पहुंचे। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि इस बार करीब चार लाख श्रद्धालु घोड़े- खच्चरों से केदारनाथ पहुंचे। उन्होंने बताया कि पैदल मार्ग पर भूस्खलन का खतरा बना रहता है। पहाड़ से कभी भी पत्थर गिर जाते हैं।

ऐसे में सुरक्षा की दृष्टि से निर्णय लिया गया है। घोड़े-खच्चर संचालक प्रत्येक घोड़े अथवा खच्चर के साथ दो हेलमेट रखेंगे। इनमें एक हेलमेट संचालक और दूसरा यात्री को पहनना होगा। इसके अलावा घोड़े-खच्चर और डंडी-कंडी संचालक यूनिफॉर्म में रहेंगे। हालांकि अभी यह तय नहीं किया गया है कि यूनीफार्म किस तरह की होगी।

जिलाधिकारी ने बताया कि केदारनाथ यात्रा के पड़ाव गौरीकुंड से केदारनाथ की दूरी 16 किलोमीटर है। यह दूरी यात्रियों को पैदल ही तय करनी होती है। इससे यात्रियों को थकान स्वाभाविक है। उन्होंने बताया कि यात्रियों की थकान दूर करने के लिए पैदल मार्ग पर मसाज सेंटर बनाए जाएंगे। जल्द ही, इसके लिए स्थान भी चिह्नित कर लिए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि इसके लिए स्थानीय युवाओं प्रोत्साहित किया जाएगा। युवाओं को सेंटर खोलने के लिए वीर चन्द्र ङ्क्षसह गढ़वाली योजना के तहत ऋण मुहैया कराया जाएगा। गढ़वाल मंडल विकास निगम के भी अतिथि गृहों मे मसाज प्वाइंट की व्यवस्था की जाएगी।

जिलाधिकारी ने बताया कि केदारघाटी में हेली सेवाओं का संचालन करने वाली कंपनियों को अनिवार्य तौर पर एंबुलेंस रखनी होगी। उन्होंने बताया कि कई बार देखने में आया है कि एंबुलेंस न मिलने के कारण बीमार अथवा घायल यात्रियों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता।

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