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देश के अनेकों CEO ने की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा के दूसरे दिन देश के कारोबार जगत के करीब एक दर्जन दिग्गज CEO ने उनसे मुलाकात की. इस बैठक के दौरान ट्रंप ने भारतीय कारोबारी जगत को अमेरिका में निवेश के लिए आमंत्रित किया.

राष्ट्रपति ट्रंप सोमवार को दो दिवसीय भारत यात्रा पर अहमदाबाद पहुंचे थे और उसी दिन शाम को दिल्ली पहुंचे. यह राष्ट्रपति ट्रंप की पहली भारत यात्रा है. मंगलवार को दोपहर 3 बजे दिल्ली के अमेरिकी दूतावास में सीईओ राउंड टेबल का आयोजन किया गया.

इसमें राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात रिलायंस इंडस्ट्रीज के सीएमडी मुकेश अंबानी, टाटा सन्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन, महिंद्रा ऐंड महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा, आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला सहित भारतीय कारोबार जगत के कई दिग्गज सीईओ से हुई. इस दौरान अमेरिका की कई बड़ी कंपनियों के सीईओ भी थे.

मेरे जीतने पर शेयर बाजार खूब चढ़ेगा

इस दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने भारतीय सीईओ को न्योता दिया कि वे अमेरिका में आकर निवेश करें. इस दौरान उन्होंने कहा कि अमेरिका में उन्होंने नियामक कठिनाइयां काफी हद तक दूर कर दी हैं और वहां निवेश के लिए अच्छा मौका है. एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह भरोसा जताया कि वह फिर से अमेरिकी चुनाव में जीत हासिल करेंगे और उनके जीतने के बाद शेयर बाजार हजार अंक से ज्यादा चढ़ जाएगा.

उन्होंने इन संभावनाओं पर विचार किया कि भारत और अमेरिका के बढ़ते कारोबारी रिश्ते को किस तरह से और मजबूत किया जाए तथा इसे नए आयाम तक किस तरह से पहुंचाया जाए. इस बैठक के दौरान के देश के कई दिग्गज अफसरशाह भी शामिल थे.

 अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ सीईओ राउंड टेबल में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) मुकेश अंबानी ने भी ट्रंप से एक सवाल पूछा. मुकेश अंबानी भारत ही नहीं, एश‍िया के सबसे धनी कारोबारी हैं और उनके रिलायंस इंडस्ट्रीज का बिजनेस कई देशों में फैला हुआ है. रिलायंस ने अमेरिका के कई शेल गैस प्रोजेक्ट में निवेश किया है.

टाटा समूह की सॉफ्टवेयर कंपनी टीसीएस का भी काफी कारोबारी हित अमेरिका से जुड़ा हुआ है. अमेरिका के कई शहरों में बड़े पैमाने पर टीसीएस के क्लाइंट हैं. इस बैठक का पूरी तरह से समन्वय अमेरिकी दूतावास द्वारा किया गया. राष्ट्रपति ट्रंप से मिलने वाले लोगों की सूची कन्फडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री और यूएस-इंडिया बिजनेस बॉडीज के द्वारा तैयार किया गया था. गौरतलब है कि पीएम मोदी के आमंत्रण पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 24 और 25 फरवरी की दो दिवसीय भारत यात्रा पर आए हैं.

चीन के साथ हुई थी डील

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने चीन के साथ एक समझौता करने में सफलता हासिल की है, जिसके तहत चीन हर साल अमेरिका में 250 अरब डॉलर खर्च करेगा. उन्होंने कहा कि अभी अमेरिका में रेगुलेशन में काफी कटौती की जाएगी.

अमेरिका में यह चुनाव का वर्ष है और ट्रंप फिर राष्ट्रपति के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं. भले ही राष्ट्रपति ट्रंप ने अभी किसी बड़ी ट्रेड डील से इंकार कर दिया है, लेकिन कारोबार जगत को उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच कारोबारी रिश्तों में आगे और सुधार होगा.

कितना है द्विपक्षीय कारोबार

वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, साल 2018-19 में भारत और अमेरिका के बीच 87.95 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हुआ था. इस दौरान भारत का चीन के साथ द्विपक्षीय व्यापार 87.07 अरब डॉलर रहा. इसी तरह 2019-20 में अप्रैल से दिसंबर के दौरान भारत का अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार 68 अरब डॉलर रहा, जबकि इस दौरान भारत और चीन का द्विपक्षीय व्यापार 64.96 अरब डॉलर रहा.

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