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अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मनसा बिखेरेंगी कथक नृत्य का जादू

हल्द्वानी: कहते हैं प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नहीं होती है. ये पंक्ति मनसा जोशी पर सटीक बैठती है. कथक नृत्य में देवभूमि की मनसा जोशी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने जा रही हैं.

हल्द्वानी के आरटीओ रोड की रहने वाली मनसा जोशी (14) का संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सीसीआरटी स्कॉलरशिप 2019-20 के लिए शास्त्रीय कथक नृत्य के लिए चयन हुआ है. इस वर्ष उत्तराखंड से सीसीआरटी के लिए केवल 2 लोगों का हुआ है.

हल्द्वानी के आरटीओ रोड की रहने वाली मानसी जोशी कक्षा 9वीं की छात्रा हैं और कथक नृत्य केंद्र में कथक की शिक्षा ले रहीं हैं. मानसी जोशी पिछले 4 सालों से शास्त्रीय कथक नृत्य कला सीख रही हैं. मानसी के सीसीआरटी (सांस्कृति स्श्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र) में चयन से उनके नृत्य कला केंद्र सहित परिवार में खुशी का माहौल है.

सीसीआरटी में मानसी के चयन हो जाने के बाद अब उनको संस्कृतिक मंत्रालय भारत सरकार से स्कॉलरशिप मिलेगी. साथ ही मानसी को कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा को दिखाने का मौका भी मिलेगा.

संस्कृतिक मंत्रालय द्वारा हर साल प्रतिभा खोज छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत छात्रों को अलग-अलग सांस्कृतिक क्षेत्रों में चयन किया जाता है. उत्कृष्ट प्रतिभाशाली छात्रों को छात्रवृत्ति देकर प्रोत्साहन भी करता है. इस वर्ष उत्तराखंड से 2 छात्रों को सांस्कृतिक क्षेत्र में छात्रवृत्ति मिली है.

जिसमें मानसी जोशी भी शामिल हैं. मानसी जोशी ने बताया कि शास्त्रीय कथक नृत्य कला के लिए उनके माता-पिता ने प्रेरित किया और गुरू रेनू नेगी, सोनू पांडे ने उनका पूरा सहयोग किया. बता दें कि कथक नृत्य एक शास्त्रीय नृत्य है, जिसमें राजस्थान और उत्तर प्रदेश की नृत्य शैली है.

जिसका वर्णन काफी शात्रों में भी मिलता है. वर्तमान समय में बिरजू महाराज कथक का सबसे विख्यात नाम हैं. लेकिन अब कथक धीरे-धीरे विलुप्त के कगार पर है. लेकिन आज भी कई संस्थाएं इस कथक नृत्य को बचाने के लिए लिए लोगों को जागरुक कर रही हैं.

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