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नोएडा गोलीकांड के बाद यूपी टेलीलिंक्स की रुद्रपुर सिडकुल स्थित यूनिट में लग गया ताला

रुद्रपुर : नोएडा गोलीकांड के बाद यूपी टेलीलिंक्स की रुद्रपुर सिडकुल स्थित यूनिट में ताला लग गया। पहले यहां वायर केबल बनाया जाता था, लेकिन बाद के दिनों में ई-रिक्शा और अब स्कूटी बनाई जा रही है। घटना के दूसरे दिन शुक्रवार को सिडकुल स्थित यूनिट के बाहर बस दो गार्ड ही तैनात रहे। उत्पादन ठप रहा। मंगलवार से यहां काम शुरू होने की उम्मीद है।

सिडकुल में कारोबार की देखरेख करने अक्सर आरके जैन ही आते थे। तीन महीने पहले भी वह यहां आए थे। करीब सात महीने पहले कंपनी निदेशक नरेश गुप्ता व प्रदीप अग्रवाल ने भी कंपनी का निरीक्षण किया था।

पहले यहां वायर केबल बनता था। इस बीच बड़ी मात्रा में कंपनी से कॉपर चोरी हो गया। गार्ड के साथ ही दूसरे कर्मचारियों की संलिप्तता के बाद विवाद बढ़ा तो कंपनी ने केबल उत्पादन बंद कर वर्ष 2016 से सिंघम नाम से ई-रिक्शा बनाना शुरू कर दिया। अब यहां इसी नाम से स्कूटी बनाई जा रही है।

गुरुवार को गोलीकांड के बाद यहां भी कंपनी के अफसर व कर्मचारी सहम गए। उन्हें डर है कि कारोबारी विवाद में कहीं उत्पादन न ठप हो जाए।

2006 से शुरू हुआ उत्पादन

यूपी टेलीलिक्स कंपनी की एक यूनिट उत्तराखंड राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (सिडकुल), पंतनगर के सेक्टर तीन में है। 2006 में यहां से उत्पादन शुरू हुआ। अभी यहां 50 कर्मचारी कार्यरत हैं।

बेहतर रहा है कारोबार

कंपनी 2017 में जीएसटी में रजिस्टर्ड हुई। अभी जनवरी 2020 तक का टैक्स जमा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार कंपनी का प्रदर्शन अब तक बेहतर रहा है।

इनका भी जुड़ाव

सिडकुल के सेक्टर नौ में टीबीएल इंजीनियरिग प्राइवेट लिमिटेड व सेक्टर 11 में भी कंपनी से जुड़ी यूनिट संचालित होती है।

चोरी के बाद से ही गार्ड लापता

2015 में दीपावली की रात कंपनी से बड़ी मात्रा में कॉपर चोरी हुआ। तब गार्ड को नशीला इंजेक्शन लगाकर चोर कॉपर के साथ उसे भी उठा ले गए थे। तभी से उसका पता नहीं चला। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की। पोस्टर भी चस्पा कराया, लेकिन सफलता नहीं मिली।

मुरादाबाद बिका था चोरी का माल

पुलिस की जांच में पता चला कि चोरी का कॉपर उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में बेचा गया। मामले में पेंटर व दो चोर भी गिरफ्तार हुए।

सेक्टर नौ व 11 में भी यूनिट

गोलीकांड के बाद सिडकुल के उद्यमियों में चर्चा है कि यूपी टेलीलिंक्स की सेक्टर नौ व 11 में भी दो यूनिट है। एक में प्लास्टिक व लकड़ी से कंपोजिट सीट बनाया जाता है। दूसरे में फाइबर शीट का निर्माण होता है।

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