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घरों में हुए कैद हुए गरीब और मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का सकंट

कोरोना वायरस को देखते हुए देशभर में सतर्कता बरती जा रही है. वहीं, प्रधानमंत्री मोदी के भारत बंद ऐलान के बाद लोग अपने घरों में कैद हो गए है. इसी के साथ कामगार वर्ग के सामने रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है.

हरिद्वार में कोरोना वायरस के चलते हुए लॉकडाउन के तहत औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल को भी बंद रखा गया है. आम दिनों में हजारों फैक्ट्री कर्मचारी सिडकुल की सड़कों पर आवाजाही करते हैं. लेकिन इन दिनों फैक्ट्रियां बंद होने के कारण सिडकुल की सड़कों पर भी सन्नाटा पसरा हुआ है. हालांकि, हरिद्वार सिडकुल स्थित मेडिकल उत्पाद और दवाइयां बनाने वाली फैक्ट्रियों को सुचारू रखने की अनुमति प्रशासन के द्वारा दी गई है. लेकिन ट्रांसपोर्ट बंद होने के कारण कर्मचारी फैक्ट्रियों में नहीं पहुंच पा रहे हैं.

प्रशासन का कहना है कि मेडिकल उत्पाद और दवाइयां बनाने वाली फैक्ट्रियों को चलाएं रखना जरूरी है. इसलिए फैक्ट्री कर्मियों के परिवहन की व्यवस्था बनाने पर विचार किया जा रहा है. जिसमें जिला अधिकारी द्वारा निर्देश दिए गए है.

वहीं, विकासनगर में कोरोना वायरस को देखते हुए प्रधानमंत्री ने बीती रात पूरे भारत में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन किया हुआ है. इसके बावजूद लोग क्षेत्र में 11 बजे दिन में भी दुपहिया वाहनों से आवाजाही करते दिखे. लॉकडाउन के दौरान आवश्यक दुकानें ही खुली रहेंगी.

जिसके तहत खाद्य सामग्री, दूध मेडिकल लेकिन सुबह 7 से 10 बजे तक खुले रहने की बात प्रशासन द्वारा की गई. बावजूद इसके 11 बजे तक भी लोगों की भीड़ सड़कों में देखने को मिली. क्षेत्र में लोगों में कोरोना वायरस को लेकर कोई खास जागरूकता नहीं दिखाई दी और न ही प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई की जा रही है.

उधर, कोरोना वायरस को लेकर कालाढूंगी बाजार में भी लोगों द्वारा सतर्कता बरती जा रही है. इस दौरान पुलिस प्रशासन ने 10 बजते ही बाजार खाली करवा दिए और जो लोग नहीं माने उनका चालान किया जा रहा है. क्षेत्र में पुलिस टीम द्वारा अनाउंसमेंट किया जा रहा है कि लोग बिना वजह घरों से न निकले.

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