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छात्रवृत्ति घोटाला मामले में कृष्णा आइटीआइ का चेयरमैन गिरफ्तार

हल्द्वानी: छात्रों के फर्जी दस्तावेज बनाकर समाज कल्याण विभाग से लाखों रुपये की दशमोत्तर छात्रवृत्ति हड़पने के मामले में पुलिस ने सहारनपुर उप्र के कमालपुर छुटमलपुर स्थित कृष्णा आइटीआइ के चेयरमैन को गिरफ्तार किया है। आरोपित चेयरमैन को न्यायालय के आदेश पर जेल भेजा गया है। पांच बिचौलियों को पकडऩे के बाद किसी बड़े पद के व्यक्ति की यह जिले में पहली गिरफ्तारी है।

फर्जी नाम दिखाकर ली गई स्‍कॉलरशिप

दशमोत्तर घोटाले की जांच के लिए गठित एसआइटी की जांच में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले की कृष्णा आइटीआइ कमालपुर, छुटमलपुर को भी जिला समाज कल्याण अधिकारी नैनीताल के कार्यालय से सात छात्रों की छात्रवृत्ति 289100 रुपये शाखा प्रबंधक पंजाब नेशनल बैंक फतेहपुर जनपद सहारनपुर को भेजी जाने की पुष्टि हुई थी।

एसआइटी ने छात्रवृत्ति के लाभार्थियों से पूछताछ की तो पता चला कि किसी भी छात्र ने कृष्णा आइटीआइ में पढ़ाई नहीं की और न छात्रवृत्ति ली। छात्रों ने बताया कि कुल लोग वर्ष 2014 में उनके पास आकर डिग्री व छात्रवृत्ति मिलने के झूठे आश्वासन देकर शैक्षिक अभिलेख मांगकर ले गए थे।

इस पर कृष्णा आइटीआइ कमालपुर, छुटमलपुर प्रबंधन, बिचौलिये व पंजाब नेशनल बैंक फतेहपुर जनपद सहारनपुर के अफसर व कर्मचारियों के विरुद्ध अपराधिक षडय़ंत्र रचकर फर्जी दस्तावेज से सरकारी धन के गबन की मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव ने बताया कि कृष्णा आइटीआइ के चेयरमैन अनिल कुमार सैनी पुत्र बचान राम सैनी की गिरफ्तारी के लिए न्यायालय से गैर जमानती वारंट प्राप्त किया था। वारंट मिलने पर रविवार को अनिल कुमार सैनी को कमालपुर जिला सहारनपुर उप्र स्थित घर से उन्हें गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को अनिल कुमार को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया। उन्होंने बताया कि दशमोत्तर घोटाले में पूर्व में भी पांच लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।

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