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योग विधा की जानी बारीकियां, 65 चीनी साधकों ने भी लिया भाग

ऋषिकेश: परमार्थ निकेतन में एक माह से चल रहे योग प्रशिक्षण शिविर का समापन हो गया. योग शिविर में 65 चीनी योग साधकों ने भी भाग लिया. स्वामी चिदानन्द सरस्वती के सान्निध्य में योग साधकों ने विश्व स्तर पर स्वच्छ जल की आपूर्ति के लिए विश्व ग्लोब का जलाभिषेक किया.

इस मौके पर परमार्थ के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा की भारत ने विश्व को योग रुपी अमूल्य उपहार दिया है. योग हिमालय और भारत की संस्कृति है.

’वसुधैव कुटुम्बकम’ को साकार करने के लिये योग एक प्रयोग है. योग व्यक्ति को स्वस्थ, निरोग और योग्य बनाता है. स्वामी ने योगियों को संदेश दिया कि योग से प्राप्त सकारात्मक ऊर्जा को पर्यावरण, नदियों तथा पूरी धरती को प्रदूषण मुक्त करने के लिये लगाए.

वहीं चीनी योग साधकों ने कहा कि योग का प्रशिक्षण चीन सहित विश्व के अन्य देशों में भी है, परन्तु भारतीय योग पद्धति उत्तम है. परमार्थ निकेतन का गंगा तट योग और ध्यान के लिये सबसे श्रेष्ठ स्थान है.

एक माह से योग और ध्यान की विभिन्न विधाओं को आत्मसात कर रहे चीनी योग साधकों ने परमार्थ निकेतन में ओम, वेद मंत्रों का उच्चारण, हनुमान चालीसा, गंगा आरती और विश्व शान्ति हवन में भी भाग लिया.

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