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खाद्यसंकट संकट,महंगे दामो पर राशन खरीदने को मजबूर है लोग

खाद्यसंकट संकट,महंगे दामो पर राशन खरीदने को मजबूर है लोग

देहरादून। कोरोना को लेकर देश-दुनिया मे जहाँ लोग मुसीबतो की जंग लड़ रहे है वही उत्तरखंड सरकार के लोकडाउन से आम जीवन पर खाद्य संकट अब गहराने लगा है। एक सप्ताह अभी पूरा बीता भी नही था कि ऐसे में 21 दिन के लोकडाउन होने का फरमान जारी हो गया। जिसे आम जनता ने चुनौती समझ कर स्वीकार कर लिया है और कोरोना से लड़ने को कमर कस ली है।लेकिन ऐसा जान पड़ता है कि कोरोना के खिलाफ ये जंग अब कमजोर पड़ती जा रही है।
खाद्य वस्तुओ की हो रही किल्लत के चलते लोगो की परेशानिया घटने का नाम नही ले रही है। सरकार के सख्त रुख के चलते खाद्य वस्तुओ की सप्लाई लगातार कम हो रही है दुकानदारों को खाद्य सामान मुहैया नही हो पा रहा है । इस सम्बंध में दुकानदारों से बातचीत की तो पता चला कि प्रशासन के सख्त रुख के चलते छोटें आढ़तियों के जरिये दुकानदारों तक आटा, चावल व अन्य आवश्यक वस्तुए पूरी नही पहुंच पा रही है। जिसके चलते दुकानों से लोगो को राशन नही मिल पा रहा है और जो मिल रहा है उन्हें महंगे दामों पर खरीदने को मज़बूर है आम जनता। सरकार राशन को लेकर बड़े दावे कर रही है जबकि प्रधान मंत्री द्वारा बार-बार बोला जा रहा है कि खाने पीने की कोई कमी नही आने देंगे।
अगर ऐसे ही खाद्य संकट गहराता जाएगा तो निश्चित तौर पर सरकार का लोकडाउन
जनविरोधी साबित होगा। सरकार को खाद्य वस्तुओ की सप्लाई व व्यापक स्तर पर इसकी मोनटरिंग का दायित्व खुद तय करना होगा। सरकार के जिम्मेदार अधिकारियो को जा कर प्रत्येक जगहों का मुआयना करना चाहिये। राशन को लेकर बढ़ रही आम जनता की परेशानियों को देखते हुए उन जगहों पर खाद्य सामग्री की सप्लाई बढ़ानी चाहिए जहां उसकी जरूरत है। मात्र चैनलो के व समाचार पत्रों के माध्यम से भाषण व सन्देश देना जिम्मेदारी ना समझे सरकार व नेतागण । नतीजे धरातल पर दिखने चाहियें ना कि कागजो
पर ।

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