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कैलास मानसरोवर और आदि कैलास यात्रा हो सकती है एक साथ

पिथौरागढ़: आइटीबीपी के डीआइजी एपीएस निंबाडिया का कहना है वर्ष 2020 में चीन सीमा और ज्योलिंगकोंग तक सड़क तैयार होने वाली है।

दोनों सड़कों के तैयार होते ही कैलास मानसरोवर और आदि कैलास यात्रा एक साथ हो पाना संभव हो सकेगा। दोनों सड़कों के पूरा होते ही कैलास मानसरोवर यात्रा और आदि कैलास यात्रा वाहनों से संभव हो जाएगी।

जागरण से बातचीत में डीआइजी निंबाडिया का कहना है कि  2020 तक उच्च हिमालय में दोनों सड़कें तैयार हो जाएंगी। ऐेसे में केएमवीएन से अनुबंध कर निजी सेक्टर में भी यात्रा का संचालन किया जा सकता है।

निगम गाइड और वाहन भी उपलब्ध करा सकता है। इस दौरान उच्च हिमालय के पड़ावों में स्थानीय लोग पौराणिक सामान की बिक्री के लिए हाट लगाकर अपना सामान भी बेच सकते हैं।

जिससे उनकी आजीविका में भी सुधार होगा। उन्होंने कहा कि उच्च हिमालयी गांवों में शीतकालीन खेलकूद का आयोजन ग्रामीणों के माध्यम से किया जा सकता है, जिससे सीमा क्षेत्र से पलायन भी थमेगा।

निबांडिया का कहना है कि नेपाल के रास्ते 22 से 23 हजार यात्री कैलास मानसरोवर की यात्रा पर जाते हैं । मुश्किल से पांच से छह हजार यात्री ही कैलास मानसरोवर की परिक्रमा कर पाते हैं शेष यात्री तकलाकोट, दार्चिन, जुजुई पू और कुगू से वापस लौट जाते हैं, यदि नेपाल की तरह भारत में भी केएमवीएन सहित प्राइवेट सेक्टर से यात्रा का संचालन हो और केएमवीएन की तरह सुविधाएं मिल जाएं तो यात्रियों को कम खर्च, कम समय पर यात्रा का अवसर मिल सकता है।

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