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अधिकार के साथ क‌र्त्तव्य का पालन भी जरूरी

गढ़वाल: मानवाधिकार दिवस पर मंगलवार को सभी जिलों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसमें लोगों को मानवाधिकारों की जानकारी दी गई।

कहा गया कि बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य, घर, रोजगार, भोजन जैसी बुनियादी जरुरतें सबको पाने का अधिकार है और इसमें अड़चनें पैदा करना मानवाधिकारों का हनन है। उन्नाव, हैदराबाद की घटनाओं पर भी चिता व्यक्त की गई। इस मौके पर मानवाधिकारों को लेकर वाद-विवाद प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।

नई टिहरी: राजकीय नर्सिंग कालेज सुररसिंगधार में आयोजित विधिक सेवा शिविर में प्राधिकरण के सचिव अशोक कुमार ने बताया कि देश में 28 सितंबर 1993 को मानवाधिकार कानून अमल में आया और सरकार ने 12 अक्टूबर 1993 में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग का गठन किया।

कहा कि बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे बुनियादी अधिकारों की अनदेखी पर कोई भी व्यक्ति कोर्ट जा सकता है। शिविर में ममता, प्राविधिक स्वयंसेवी सुनीता पंवार, सुभाष बहुगुणा, विक्रम नेगी आदि मौजूद थे।

श्रीनगर गढ़वाल: राजकीय बालिका इंटर कालेज में मंगलवार को मानवाधिकार दिवस पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। विद्यालय की छात्राओं अंजली, सपना, मीनाक्षी, तनुजा, संध्या, गौरी, आंचल, सलोनी, सलोनी शाह, मुस्कान ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया।

तालुका विधिक सेवा समिति की ओर से आयोजित इस शिविर में सिविल जज जूनियर डिवीजन अमित कुमार ने मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 के विधिक प्रावधानों की जानकारी दी। इस मौके पर विद्यालय की प्रधानाचार्या सुमनलता पंवार, शिक्षक लक्ष्मी रॉय, पैरालीगल वॉलंटियर भगवती प्रसाद पोखरियाल आदि मौजूद थे।

रुद्रप्रयाग: राजकीय महाविद्यालय अगस्त्युनि में विश्व मानवाधिकार दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में मुख्य वक्ता राजनीति विज्ञान के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. डीएस चौहान और राजनीति विज्ञान के विभाग प्रभारी डॉ. दलीप सिंह बिष्ट ने मौजूदा दौर में मानवाधिकारों का महत्व बताया।

वहीं जखोली महाविद्यालय में एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी नंदलाल ने कहा कि मानवाधिकार का तात्पर्य उन सभी अधिकारों से है, जो व्यक्ति के जीवन, स्वतंत्रता, समानता एवं प्रतिभा से जुड़े हो। डॉ. सुभाष, डॉ देवेश चंद्र, बबीत कुमार, रोहित नेगी, मीनाक्षी शर्मा आदि ने विचार व्यक्त किए।

गोपेश्वर: विश्व मानवाधिकार दिवस पर इंटर कालेज छिनका में विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित कार्यक्रम में पैरालीगल स्वयंसेवक एवं हिमाद समिति के सचिव उमाशंकर बिष्ट ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ सामाजिक, आर्थिक एवं राजनैतिक आधार पर भेदभाव नहीं किया जा सकता। हर व्यक्ति को अपने अधिकारों के साथ मौलिक कर्तव्यों को भी क्रियान्वित करने की आवश्यकता है।

प्रधानाचार्य मोहनराज कन्याल, पैरालीगल स्वयंसेवक जितेंद्र कुमार, डॉ. राम सिंह बिष्ट, रविंद्र सिंह कंडेरी, संजय पुरोहित आदि मौजूद थे। इसके अलावा, राष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन की जनपद इकाई की ओर से आयोजित गोष्ठी में देश व राज्य में हो रहे मानव उत्पीड़न पर चिता जताई गई। उन्नाव, हैदराबाद की घटनाओं पर चिता व्यक्त की गई। इस अवसर पर प्रेमलाल पैंथवाल, देवेंद्र सिंह फस्र्वाण, पुष्कर सूरी, कुशलानंद डिमरी समेत अन्य लोग मौजूद थे।

पौड़ी : मुख्यालय में मंगलवार को पुलिस महकमे के तत्वावधान में ‘मानवाधिकारों की रक्षा क्या यह मात्र सुरक्षा बलों का कर्तव्य है’ विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई। पुलिस लाइन में आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता के पक्ष में पुलिस विभाग के आनंद प्रकाश ने प्रथम तथा कैलाश चंद्र सेमवाल ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। जबकि विपक्ष में विपुल खंडूड़ी प्रथम और विमला नेगी द्वितीय स्थान पर रहे।

प्रतियोगिता के पक्ष व विपक्ष में प्रथम व द्वितीय स्थान पर रहे प्रतिभागी रेंज स्तर पर आयोजित होने वाली वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रतिभाग करेंगे। प्रतियोगिता में प्रतिभागी कई पुलिस कर्मियों ने मानवाधिकार को जरूरी बताते हुए इसके संरक्षण पर जोर दिया, जबकि विपक्ष में कई बार मानवाधिकारों के उल्लंघन होने के कारणों से सभी का ध्यान आकृष्ट किया।

वहीं पुलिस उपाधीक्षक वंदना ने आयोजन की सराहना करते हुए आगे भी रेंज स्तर पर होने वाली प्रतियोगिता के लिए सभी को मेहनत करने पर जोर दिया। इस मौके पर आरआइ पूर्ण सिंह तोमर, सूबेदार वीरेंद्र कठैत आदि शामिल थे।

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