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पिथौरागढ़ पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ दो सप्ताह में जांच पूरी करने के निर्देश

नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने पिथौरागढ़ की जिला पंचायत अध्यक्ष दीपिका बोरा के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की लंबित जांच दो सप्ताह में पूरी करने के निर्देश दिये हैं। साथ ही रिपोर्ट अदालत में सौंपने को कहा है।

मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की युगलपीठ ने ये निर्देश पिथौरागढ़ निवासी दिनेश सिंह बिष्ट की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिये।

याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि जिला पंचायत अध्यक्ष दीपिका बोरा पर पद के दुरूपयोग के आरोप हैं। जिला पंचायती राज सचिव की ओर से पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी (डीएम) को 26 जून 2023 को जांच सौंपी गयी लेकिन अभी तक जांच पूरी नहीं की गयी है।

याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया कि नियमों के मुताबिक प्राथमिक जांच 15 दिन में पूरी हो जानी चाहिए लेकिन डीएम जांच को टाल रहे हैं। अदालत ने इसे गंभीरता से लेतेे हुए डीएम को दो सप्ताह में जांच पूरी करने के साथ ही रिपोर्ट अदालत में सौंपने को कहा है।

बोरा पर आरोप है कि उन्होंने पद का दुरूपयोग कर विकास कार्यों के टेंडर अपने पिताजी के नाम जारी किये हैं।

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