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चम्पावत जिले के इस स्कूल में प्रधानाचार्य बजाते हैं छुट्टी की घंटी

चम्पावत : पाटी विकास खंड के सर्वाधिक छात्र संख्या वाले श्री सिद्ध राजकीय इंटर कालेज रीठाखाल में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का भविष्य भगवान भरोसे है। 443 छात्र संख्या वाले स्कूल में 236 छात्राएं भी अध्ययनरत हैं। कई महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नहीं होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। गौर करने वाली बात यह है कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के अभाव में प्रधानाचार्य को इंटरवल और छुट्टी की घंटी बजानी पड़ रही है। विद्यालय की बदहाली से अभिभावकों में जबर्दस्त आक्रोश है।

स्थायी शिक्षक के नाम पर विद्यालय में अंग्रेजी के प्रवक्ता हैं, जिन्हें प्रभारी प्रधानाचार्य का दायित्व सौंपा गया है। इतिहास, अर्थशास्त्र विषय में दो अतिथि शिक्षक हैं। इंटर कक्षाओं में संस्कृत विषय के 118 छात्र हैं, लेकिन संस्कृत विषय के शिक्षक का पद ही सृजित नहीं है। हाईस्कूल में विज्ञान और अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के पद भी लंबे समय से रिक्त हैं। विद्यालय में फर्नीचर होने के बावजूद छात्र-छात्राओंको फर्श पर बैठना पड़ रहा है। इसका कारण कक्षा कक्षों का काफी छोटा होना है।

प्रभारी प्रधानाचार्य प्रदीप बिष्ट ने बताया कि कक्षा 11 के कक्षा कक्ष में 79 और 12वीं के कक्षा कक्ष में 82 छात्र-छात्राओं को बैठाना पड़ रहा है। एक कक्ष में बमुश्किल 50 बच्चे ही बैठाए जा सकते हैं। पीटीए अध्यक्ष महेश भट्ट, एसएमसी अध्यक्ष गोधन सिंह ने बताया कि विद्यालय में चतुर्थ श्रेणी और सफाई कर्मी का पद लंबे समय से रिक्त है। इसके कारण प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों को सुबह की प्रार्थना से लेकर शाम को छुट्टी की घंटी बजानी पड़ रही है। इंटर में विज्ञान विषय को स्वीकृति नहीं मिलने से छात्र-छात्राओं को काफी दूर जाना पड़ रहा है।

कालेज में कक्षाओं के उचित प्रबंधन के लिए कम से कम नौ शिक्षकों की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि कई बार विभागीय अधिकारियों से शिक्षकों और चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की तैनाती के साथ कक्षा कक्षों का आकार बड़ा करने की मांग की गई, जिस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शीघ्र समस्या का समाधान नहीं किया गया तो अभिभावक आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। इस संबंध में प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी नीरज बिष्ट से जानकारी चाही गई तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।

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