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पिथौरागढ़ में इस वर्ष 33 खनन पट्टों में से 15 ही खनन पट्टों की हो सकी नीलामी

पिथौरागढ़ : रीवर चेनेलाइजेशन नीति के जरिये राजस्व जुटाने की सरकार की मुहिम इस वर्ष सीमांत जिले में पूरी होने की उम्मीद नहीं है। सरकार ने जिले के लिए 15 करोड़ का राजस्व तय किया है, जिसमें से मात्र 3.50 करोड़ की धनराशि ही अब तक जुटाई जा सकी है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अब मात्र 17 दिन का समय बचा हुआ है।

खनन के लिए सरकार द्वारा पिछले वर्ष नई नीति तैयार की गई थी। इसके तहत नदी तटों से खनन सामग्री चुगान के लिए खुली नीलामी का निर्णय लिया गया था। सीमांत जिले पिथौरागढ़ में नीलामी के लिए 33 स्थल चयनित किए गए थे। इनमें से अभी तक 15 स्थलों की नीलामी प्रक्रिया पूरी हो पाई है, जिससे सरकार के खाते में साढ़े तीन करोड़ की धनराशि आई है। अगले 17 दिनों में 18 स्थलों के लिए नीलामी होनी है, इतने कम समय में नीलामी प्रक्रिया पूरी हो पाना संभव नहीं है। इस स्थिति को देखते हुए तय माना जा रहा है कि इस वर्ष सीमांत जिले में खनन राजस्व का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाएगा।

डीडीहाट में पांच स्थलों के लिए नहीं आए आवेदक पिथौरागढ़: बीते रोज डीडीहाट तहसील के अंतर्गत काली नदी, रामगंगा और गुर्जी गाड़ से खनन सामग्री निकालने के लिए नीलामी प्रक्रिया हुई। कुल 12 स्थलों के लिए नीलामी की गई। सात स्थलों के लिए ही आवेदक मिल पाए। जिनसे 1.5 करोड़ का राजस्व सरकार को मिला। पांच स्थानों के लिए आवेदकों की कम संख्या के चलते नीलामी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। 19 मार्च को अब गंगोलीहाट में पांच स्थलों के लिए नीलामी कराई जाएगी।

जिले में अभी तक 15 स्थानों पर खनन सामग्री की नीलामी प्रक्रिया पूरी हो पाई है, जिससे साढ़े तीन करोड़ का राजस्व सरकार को मिला है। खनन नीति में देरी के चलते नीलामी प्रक्रिया में कुछ दिक्कत आई है। मार्च माह तक सभी स्थलों की नीलामी प्रक्रिया पूरी कर लेने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस वर्ष राजस्व लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया तो उसे अगले वर्ष के लक्ष्य में समाहित किया जाएगा।

– प्रदीप कुमार, जिला खान अधिकारी, पिथौरागढ़

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