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हरिद्वार में खुलेआम होटल, धर्मशालाओं का बिना ट्रीटमेंट किए गंदा पानी गंगा और सड़कों में बह रहा

हरिद्वार: केंद्र और राज्य सरकारों की तमाम कोशिशों के बावजूद गंगा में खुलेआम सीवेज डाला जा रहा है. ये काम सबसे ज्यादा यहां के होटल, आश्रम और धर्मशाला वाले कर रहे हैं. यह मामला कुंभ मेलाधिकारी दीपक रावत के औचक निरीक्षण में सामने आया है. दरअसल, मेलाधिकारी लोगों की शिकायत के बाद हरिद्वार-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनने वाली चार पुलिया का निरीक्षण करने पहुंचे थे.

राष्ट्रीय राजमार्ग पर चार पुलियों में बारिश के दिनों में भारी मात्रा में पानी आ जाता है, जिससे ये पुलिया ओवरफ्लो हो जाती हैं. इस निरीक्षण के दौरान यहां पर बने कई होटलों पर जब मेलाधिकारी ने छापा मारा तो होटलों में या तो एसटीपी प्लांट लगे नहीं थे और जिन में लगे भी हुए थे वे सही से कार्य नहीं कर रहे थे. इसे लेकर मेलाधिकारी ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को कुंभ क्षेत्र में पड़ने वाले सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का सर्वे करने और कुंभ मेले के दौरान हरिद्वार में तैनात रहने के आदेश दिए.

कुंभ मेला मेलाधिकारी दीपक रावत ने बताया कि नेशनल हाईवे का जो कार्य चल रहा है, उसमें साइड की नालियों में बारिश के पानी की सही से निकासी हो. इसी को लेकर निरीक्षण किया गया, लेकिन यहां पर नाले बने हुए हैं, उसमें होटल और घरों का पानी बह रहा है. इसके साथ ये अवैध भी है क्योंकि होटल के पास सीवर का कनेक्शन होना चाहिए या फिर एसटीपी जिसे गंदा पानी को ट्रीट किया जा सके. यहां पर कई होटल ऐसे पाए गए जो गंदे पानी को ट्रीट नहीं कर रहे हैं और गंदे पानी को बाहर डाल रहे हैं.

मेलाधिकारी ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है. ऐसे तमाम होटलों का सर्वे करें और कुंभ के दौरान यहां तैनात भी रहे और इस तरह से कार्य करने वालों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा. अगर बिना ट्रीटमेंट के सीवेज नालियों या गंगा में बहाया गया तो ऐसे व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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