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सांस लेने में हो रही दिक्कत तो बार से खरीदें ऑक्सीजन

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के बीच दिल्ली के सिलेक्ट सिटी वॉक साकेत मॉल में ऑक्सीजन बार खुला है. जो कि लोगों को 7 फ्लेवर में शुद्ध हवा दे रहा है.

अब आप सोच रहे होंगे कि आखिरकार किस प्रकार ऑक्सीजन बार पर शुद्ध हवा मिल सकती है, क्योंकि पूरी दिल्ली में प्रदूषण की चादर छाई हुई है. तो हम आपको बता देते हैं कि इस ऑक्सीप्योर नाम से ऑक्सीजन बार में सात अलग-अलग फ्लेवर में लोगों को ऑक्सीजन दिया जा रहा है. जिसके लिए उन्हें ₹299 से 499 रुपए देने होंगे.

राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के चलते लोगों को केवल सांस लेने में तकलीफ नहीं, बल्कि कई बीमारियां भी हो रही हैं. गला खराब होना, आंखों में जलन होना, पेट दर्द, सर दर्द आदि जैसी कई समस्याएं हो रहे हैं.

ऐसे में ऑक्सीजन बार में सात अलग-अलग फ्लेवर में लोगों को ऑक्सीजन दिया जा रहा है. जिसमें कि सभी के अलग-अलग फायदे हैं. यूकेलिप्टस, लैवंडर, ऑरेंज, पेपरमिंट, लेमन ग्रास, स्पियरमिंट, सिनेमन इन सभी फ्लेवर में लोगों को शुद्ध हवा दी जा रही है और इन सभी के अलग-अलग फायदे हैं.

₹299 में 15 मिनट तक लें साफ हवा
‘ऑक्सीप्योर’ बार में मौजूद आरती ने हमें बताया कि यह एक विदेशी कॉन्सेप्ट है. जिसे भारत में लाया गया है. इसका पहला आउटलेट साकेत के सिलेक्ट सिटी वॉक मॉल में खुला है.

जहां पर लोगों को बढ़ते प्रदूषण के बीच साफ हवा ऑक्सीजन के माध्यम से दी जा रही है. उन्होंने बताया कि ₹299 में 15 मिनट तक ऑक्सीजन दिया जाता है. ऑक्सीजन सिलेंडर को फ्लेवर से कनेक्ट किया हुआ है. जो फ्लेवर कस्टमर बोलता है. उस फ्लेवर से ऑक्सीजन पाइप कस्टमर के नोज में लगाकर उसे ऑक्सीजन दिया जाता है.

गर्भवती महिलाओं और अस्थमा के मरीजों को रोक
आरती का कहना था कि इसके कोई भी साइड इफेक्ट नहीं है. हालांकि अस्थमा और गर्भवती महिलाओं और 12 साल से कम उम्र के बच्चों को यह थेरेपी नहीं दी जा रही है. इसके अलावा कोई भी व्यक्ति इस थेरेपी को ले सकता है. उनका कहना था कि इस ऑक्सीजन थेरेपी से ना केवल आपके शरीर में बैक्टीरिया खत्म होंगे. बल्कि बाहर हो रहे प्रदूषण का कम असर पड़ेगा.

ऑक्सी प्योर में मिलती है शुद्ध हवा
इस ऑक्सीजन थेरेपी के फायदे को समझने के लिए हमारी रिपोर्टर पूनम पनारिया ने भी इस थेरेपी का जायजा लिया. जिससे कि ना केवल उन्हें अच्छा महसूस हुआ, बल्कि गले में हो रही परेशानी भी दूर हो गई. साथ ही इससे कोई भी नुकसान नहीं हुआ बल्कि जैसे हम नॉर्मल सांस लेते हैं वैसा ही महसूस हुआ.

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