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त्रिवेंद्र सरकार में मुझे डरावने सपने – हरीश

देहरादून । मैं रात को सो नहीं पाता हूं, मुझे डरावने सपने आते हैं। त्रिवेंद्र सरकार से प्रदेश की जनता त्रस्त है। किनासों की हालत खस्ता है, बेरोजगारी बढ़ती जा रही है और महंगाई भी चरम पर है। ऐसे में कौन चैन से सो सकता है। यह कहना है पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता हरीश रावत का। उन्होंने गन्ना किसानों के भुगतान और न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग को लेकर उपवास के दौरान सभा को संबोधित किया।

हरीश रावत ने कहा कि रोजगार सृजन के मामले में भी वर्तमान सरकार फिसड्डी साबित हो रही है। विभागों में 24 हजार पद रिक्त पड़े हैं और 12 हजार पद मृत घोषित कर दिए गए हैं। हरीश रावत ने कहा कि उनके कार्यकाल में तीन साल में तीन साल में 42 हजार नियुक्तियां की गई थीं। बोले, आज युवा सरकार से सवाल पूछ रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी नसीहत दी कि जागो और सरकार की नितियों को लेकर सड़कों पर गुस्सा दिखाओ। उन्होंने कहा कि आमजन से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार को घेरना होगा। विपक्ष में रहकर महज रस्मअदायगी से काम नहीं चलेगा। 2022 के विस चुनाव में कम से कम 50 सीटें जीतने का लक्ष्य रखना होगा। यह एक्शन से ही संभव होगा, न कि डायरेक्शन से। बोले वह अकेले कब तक लड़ेंगे। आह्वान किया कि जनता के लिए लाठी खाने, जेल जाने के लिए तैयार रहो। गांव-गांव तक जनहित के मुद्दों पर संघर्ष करो। बोले, समय उसे ही याद रखता है, जो सत्ता में आता है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार पर चौतरफा निशाना साधते हुए कहा कि सरकार का कोई भी निर्णय, कोई भी नीति आमजन के हित में नजर नहीं आ रही है। गन्ना किसानों के साथ अन्याय हो रहा है। प्रदेश के किसानों का करीब दो सौ करोड़ का भुगतान दो साल से लटकाया जा रहा है। समय पर तौल केंद्र नहीं खोले जा रहे हैं। डोईवाला चीनी मिल पर ही किसानों का 10 करोड़ से अधिक का बकाया है। सरकार मंशा न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने की भी नहीं है। इस सरकार को किसानों से कोई सरोकार नहीं है।

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