उत्तराखंड

ग्राम पंचायतों में धांधली मामले का हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, DM को दिये जांच के निर्देश

लक्सर: सेठपुर व बसेड़ा गांव की ग्राम पंचायत सेठपुर में कुछ वार्ड मेंबरों ने उच्च न्यायालय में धांधली को लेकर एक वाद दायर किया था. जिसमें आरोप लगाया गया था कि वर्तमान ग्राम प्रधान धीर सिंह ने बीते 5 सालों में किसी भी कार्य के प्रस्ताव पर उनसे सहमति नहीं ली. इसके साथ ही बिना बैठक के प्रस्ताव पास कर दिए. जिनमें जो भी काम हुआ वह बेहद घटिया किस्म का है, इन सभी कार्यों में धांधली बरती गई है. जिसका संज्ञान में लेते हुए उच्च न्यायालय ने हरिद्वार जिलाधिकारी को जांच के निर्देश दिए हैं.

बता दें लक्सर की ग्राम पंचायतों में यह पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी कई मामले उच्च न्यायालय की शरण में जा चुके हैं. इस सम्बन्ध में बीडीओ, चंदनलाल राही ने बताया कि सेठपुर गांव में जाकर शिकायतकर्ता वार्ड मेंबरों से बात की गई. जिसमें उन्होंने बताया कि बीते 5 साल में वर्तमान ग्राम प्रधान ने एक भी कार्य प्रस्ताव पर सहमति नहीं ली. ग्राम प्रधान व ग्राम सचिव ने बंद कमरे में बैठक कर प्रस्ताव पास किये.उन पर सभी के फर्जी हस्ताक्षर कर गांव में विकास कार्य भी करवा दिए.

इन विकास कार्यों में बड़े स्तर पर धांधली बरती गई है. जब विकास कार्यों की प्रमुखता से जांच की गई तो पता चला कि गांव में हुए विकास कार्यों में बड़े स्तर पर धांधली हुई है. किसी भी विकास कार्य को टिकाऊ रूप से नहीं किया गया है. सभी में घटिया किस्म के मैटेरियल का इस्तेमाल किया गया है. तालाबों की सफाई भी पूरी नहीं कराई गई है. इसके अलावा 16 मजदूरों के फर्जी नाम दिखा कर एक बड़ी रकम ग्राम पंचायत के खाते से हड़प ली गई.

इस मामले में लक्सर उप जिलाधिकारी पूरण सिंह राणा ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है. उच्च न्यायालय द्वारा जिलाधिकारी को इस मामले में जांच के निर्देश प्राप्त हुए हैं. शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए बिंदुओं पर बारीकी से जांच की जाएगी. इसके लिए शिकायतकर्ता को अपने साथियों के साथ सभी प्रमाणित दस्तावेजों के साथ जिलाधिकारी से मिलना होगा. उसके बाद ही वहां से जांच के निर्देश जारी किए जाएंगे.

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