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भारी हिमपात ने पिथौरागढ़ के सोर घाटी के कई जल स्रोतों को दिया नव जीवन

पिथौरागढ़ : लंबे समय से हिमपात का इंतजार कर रहे सोर घाटी के लोगों की मुराद आखिर पूरी हो गई है। हिमपात से न केवल प्रकृति का सौंदर्य निखरा है, बल्कि लंबे समय तक लोगों को इसके अप्रत्यक्ष फायदे भी मिलेंगे।

सोर घाटी के अंतर्गत आने वाले जिला मुख्यालय, चंडाक और सौड़लेख क्षेत्र में जमकर हिमपात हुआ है। चंडाक और सौड़लेख से की पहाड़ियां कई पेयजल सोतों का आधार हैं। पहाड़ियों के साथ ही नगर में भी अच्छा हिमपात हुआ है। इससे नगर में लगे करीब दो हजार से अधिक हैंडपंप रिचार्ज होंगे। नगर में पेयजल के लिए आज भी कई परिवार हैंडपंप का उपयोग करते हैं। हिमपात खेती के लिए भी फायदेमंद साबित होगा। बर्फ फसलों में लगने वाले कीड़ों के प्रभाव को काफी हद तक कम कर देती है। कृषि विज्ञानी जेसी जोशी का कहना है कि खेतों में लंबे समय तक नमी बनी रहेगी इससे फसलों की ग्रोथ बेहतर होगी।

सबसे अधिक राहत वन विभाग को मिली है। अगले 10 दिन में फायर सीजन काल शुरू हो जाएगा। पिछले वर्ष बर्फबारी नहीं होने से फरवरी माह में ही जिले के जंगलों में आग लगने की घटनाएं होने लगी थी। इस वर्ष हिमपात से जंगलों में नमी का स्तर लंबे समय तक बना रहेगा। 

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