राष्ट्रीय

हरियाणा सरकार सरस्वती नदी परियोजना पर 215.33 करोड़ रुपये खर्च करेगी

हरियाणा सरकार,  हिमाचल प्रदेश की सीमा पर स्थित यमुनानगर जिले के आदि बद्री (Adi Badri) क्षेत्र के पास हिमाचल प्रदेश में 77 एकड़ में एक बांध  और जलाशय का निर्माण करेगी. इसे लेकर 21 जनवरी को पंचकूला में हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर और हिमाचल के सीएम जय राम ठाकुर की उपस्थिति में हरियाणा और हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे.हरियाणा सरकार इस परियोजना पर 215.33 करोड़ रुपये खर्च करेगी. हिमाचल प्रदेश से शुरू होकर यमुनानगर में यमुना नदी में गिरने वाली सोम नदी से इस बांध को बारिश में 224 हेक्टेयर मीटर पानी मिलेगा. 224 हेक्टेयर मीटर पानी में से 62 हेक्टेयर मीटर पानी हिमाचल प्रदेश को और शेष (162) हेक्टेयर मीटर पानी हरियाणा में सरस्वती नदी (Saraswati river) के लिए साल भर इस्तेमाल किया जाएगा.

2015 में नदी की खुदाई का काम हुआ था शुरू

सिंचाई विभाग के सरस्वती हेरिटेज सर्कल कुरुक्षेत्र के अधीक्षण अभियंता अरविंद कौशिक ने कहा कि सरस्वती नदी पूरे वर्ष 20 क्यूसेक पानी के साथ बहेगी. नवंबर 2014 में हरियाणा में गार्ड के परिवर्तन के साथ, राज्य भाजपा सरकार ने 21 अप्रैल, 2015 को यमुनानगर जिले के रोलाहेरी गांव से नदी की खुदाई का काम शुरू करते हुए सरस्वती पुनरुद्धार परियोजना (Saraswati Revival Project) शुरू की थी.

यमुनानगर जिले में की गई ज्यादा खुदाई

दरअसल बांध और जलाशय का निर्माण सरस्वती पुनरुद्धार परियोजना का हिस्सा है. सरस्वती जिले के 44 गांवों से होकर करीब 49 किलोमीटर तक बहेगी. नदी के अधिकांश भाग की खुदाई यमुनानगर जिले में की गई है. वहीं मुख्यमंत्री खट्टर ने राज्य की विकास की गति को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इसी दिशा में बुधवार को प्रदेश में चल रही 100 करोड़ रुपये से अधिक की सभी परियोजनाओं की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव संजीव कौशल की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन करने की अपनी मंजूरी प्रदान की है. ताकि इन चल रही परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा सके. यह कमेटी हर माह इन परियोजनाओं की समीक्षा करेगी.

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