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महाराष्ट्र में हरीश रावत को लग रहे उत्तराखंड जैसे सियासी हालात

मसूरी: पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सोमवार की देर शाम मसूरी पहुंचे. जहां उन्होंने पिथौरागढ़ विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस की जीत का दावा किया. उन्होंने कहा कि अगर उत्तराखंड की जनता काम के आधार पर वोट देना शुरु कर देगी तो उत्तराखंड की तस्वीर अलग होगी.

वहीं हरीश रावत ने गैरसैंण के सवाल पर कहा कि क्या उत्तराखंड के लोग वास्तव में गैरसैंण को राजधानी बनाना चाहते हैं. जबकि आज के समय पर यह बड़ा सवाल है. पूर्व सीएम ने आगे कहा कि जब-जब गैरसैंण को राजधानी बनाए जाने को लेकर कदम बढ़ाए गए तो काम करने वाले लोगों ने अपने हाथ पीछे खींच लिए.

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि देश के हित और मूलभूत समस्याओं को लेकर जिन लोगों ने काम किया, उत्तराखंड की जनता ने उन सब को नकारने का काम किया है. आज उत्तराखंड के विकास, पलायन और रोजगार आदि को लेकर सिर्फ बातें हो रही हैं, धरातल पर कुछ नहीं हो रहा है.

उन्होंने कहा कि उनके द्वारा उपवास कर प्रदेश की जनता को पहले ही आगाह कर दिया था कि सरकार टिहरी झील को प्राइवेट हाथों में देने का काम करने जा रही है.

इसको लेकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कहा था कि ऐसा कुछ नहीं होने जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पलायन के मुद्दों को लेकर गंभीर नहीं है.

उन्होंने कहा कि जब पलायन आयोग ही पौड़ी से पलायन कर चुका है तो इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकार की दिशा में काम कर रही है.

उन्होंने कहा कि पलायन रोकने के लिए सरकार को दीर्घकालिक योजना बनानी होगी. रावत ने महाराष्ट्र के सवाल पर कहा कि वहां कांग्रेसी एकजुट हैं, पर उनको लुटेरों का ध्यान रखना है.

क्योंकि उत्तराखंड में उनके साथ क्या हुआ सब जानते हैं. भाजपा द्वारा उनके घर से ही 10 विधायकों को तोड़कर लिया गया था और अब उन पर ही मुकदमा कर उन्हीं को दोषी ठहराने का काम रहे हैं.

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि मोदी है तो सब कुछ संभव है. महाराष्ट्र में भाजपा अन्य दलों के विधायकों को न तोड़ सकें इसका ध्यान रखना जरूरी है.

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