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हरिद्वार जिला प्रशासन संस्थाओं के साथ मिलकर गरीब संतों को उपलब्ध रहा भोजन के पैकेट

हरिद्वार/खटीमाः धार्मिक नगरी हरिद्वार में सैकड़ों की संख्या में आश्रम व अखाड़े हैं. जिनमें सैकड़ों की संख्या में गरीब संत और घुमंतू लोग भोजन कर अपना जीवन यापन करते हैं. मगर कोरोना का ख़ौफ़ व सरकार की सख्ती के बाद इन संतों के सामने जीवन यापन का संकट पैदा हो गया है.

इस संकट को देखते हुए जिला प्रसाशन निजी संस्थाओं और आश्रमों के सहयोग से इन गरीब संतों और घूमने आए लोगों को भोजन पैकेट उपलब्ध करवा रहा है. वहीं, खटीमा तहसील प्रशासन ने आवश्यक वस्तुओं को आम जनता तक पहुंचाने के लिए कमर कस ली है. प्रशासन ने व्यापार मंडल से वार्ता कर दो मोबाइल वैनों की मदद से आवश्यक वस्तुओं, दूध व सब्जियों को डोर टू डोर बेचने की योजना बनाई है.

इस संकट को देखते हुए जिला व कुम्भ मेला प्रसाशन ने पहल करते हुए निजी संस्थाओं और आश्रमों के सहयोग से गरीब संतों और घूमने आए लोगों को भोजन पैकेट उपलब्ध करवा रहा है. वहीं, अधिकारियों के अनुसार यह एक संकट का समय है, इस वायरस से बचने के लिए सरकारी स्तर पर अनेक कार्य किये जा रहे हैं और सबके स्वस्थ्य पर नजर रखने के साथ ही किसी को भूखा भी रहने नहीं दिया जाएगा. साथ ही प्रशासन द्वारा लोगों से अन्न दान करने की अपील भी की गई है.

वहीं प्रशासन ने खाने-पीने की चीजों के लिए हरिद्वार के भल्ला कॉलेज में एक अन्न स्टोर रूम बनाया है, जिसमें जनता द्वारा दिए गए अन्न को रखा जाएगा व उसकी पूरी जानकारी एक रजिस्टर में लिखी जाएगी. साथ ही प्रशासन ने आमजन से अपील की है की इस स्थिति में जितनी आप किसी की मदद कर सकते हैं करें.

बता दें, 25 मार्च से सिर्फ मेडिकल स्टोर और हॉस्पिटल के अलावा सभी प्रकार की दुकानें बंद रहेंगी. इस दौरान खटीमा में आम जनता को खाद्य सामग्री व अन्य जरूरी सामान वितरण करने के लिए प्रशासन ने व्यापार मंडल से वार्ता कर 25 मार्च यानी कल से खटीमा क्षेत्र में दो मोबाइल वैन में खाद्य सामग्री भर कर डोर टू डोर वितरीत करने का काम करेगा. जिसको लेकर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली है. वहीं, एसडीएम के अनुसार प्रशासन कर्फ्यू के दौरान आमजन को आवश्यक वस्तुओं की कमी नहीं होने देंगे.

 

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