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एक साल से अस्पताल में लटका ताला

विकासनगर: प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली किसी से छुपी नहीं है, जिसका खामियाजा आए दिन लोगों को भुगतना पड़ता है. वहीं विकासनगर चकराता के बरोथां गांव में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से परेशान ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सरकार का पुतला भी फूंका.

लोगों का कहना है कि उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिए 50 से 60 किलोमीटर दूर चकराता या फिर 200 किलोमीटर विकासनगर की यात्रा तय करनी पड़ती है.

चकराता के बरोथां गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र होने के बावजूद भी ताला लटका है. ग्रामीणों का कहना है कि एक वर्ष पूर्व कुछ स्टाफ केंद्र में मौजूद था, जिसके कुछ समय बाद से ही हॉस्पिटल में ताला लग गया. ग्रामीण जगत सिंह ने बताया कि आठ वर्ष पूर्व यहां पर तत्कालीन सरकार द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया था.

लोगों को स्वास्थ्य सुविधा के लिए 50 से 60 किलोमीटर दूर चकराता या फिर 200 किलोमीटर विकासनगर की दौड़ लगानी पड़ती है, लेकिन अस्पताल बनने के बाद कुछ दिन कुछ स्टाफ अस्पताल में मौजूद रहा, लेकिन एक वर्ष से अस्पताल में ताले लगे हैं. कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी न डॉक्टर न ही कोई पैरामेडिकल स्टाफ भेजा गया.

जिसस कारण ग्रामीण स्वास्थ्य सविधाओं के लिए कई किलोमीटर की दौड़ लगाने को विवश हैं, जबकि अस्पताल से मुख्य रूप से खारसी गांव जोगियों थणता, डूंगीयारा फेड़ीयाना सैजांड ,खटवा, बनियाना ,सीडी, बरकोटी,गहरी गोराघाटी ,जसटा, बिजनाड आदि एक दर्जन से अधिक गांव जुड़े हुए हैं.

लगभग तीन से चार हजार की आबादी को स्वास्थ्य सुविधा ने मिलने से खासा रोष है. पूना पोखरी के ग्रामीण जगत सिंह ने बताया कि अस्पताल में एक वर्ष से ताले लटके हैं.

कई बार इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. जिससे गुस्साए ग्रामीणों ने अस्पताल पहुंचकर स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर पुतला दहन किया. साथ ही लोगों ने क्षेत्र के हॉस्पिटल में जल्द स्वास्थ्य स्टॉफ की तैनाती की मांग की है.

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