विविध

NGT के आदेश पर बंद होंगे हल्द्वानी के दो स्टोन क्रशर हिमालय स्टोन और हिमालय ग्रिड्स

हल्द्वानी: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने बरेली रोड के दो क्रशरों के आबादी के बीच में होने और प्रदूषण फैलने के मामले में इन्हें बंद करने के आदेश डीएम को दिए हैं। लंबे समय से यह मामला कोर्ट में चल रहा था।

पूर्व में सुप्रीम कोर्ट ने भी एनजीटी को आदेश देते हुए इस मामले को अलग से सुनने को कहा था। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली ने डीएम दफ्तर में आदेश रिसीव भी करवा लिया। अब जल्द ही दोनों क्रशरों का संचालन बंद कर दिया जाएगा। क्रशरों के पक्ष में होने की वजह से जिला प्रशासन की रिपोर्ट को भी एनजीटी ने नहीं माना।

फत्ताबंगर स्थित हिमालय स्टोन क्रशर और हिमालय ग्रिड्स की वजह से प्रदूषण और खेतों को होने वाले नुकसान को लेकर साल 2018 में स्थानीय बुजुर्ग उमराव स‍िंंह भंडारी और तेज‍िंंद्र कुमार जोली एनजीटी पहुंचे थे।

मामले की सुनवाई के दौरान हल्द्वानी के किसी व्यक्ति ने अन्य क्रशरों को लेकर भी याचिका दाखिल कर दी, जिसके बाद इन मामलों की संयुक्त सुनवाई होने लगी। बाद में एनजीटी के आदेश पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने संयुक्त सर्वे कर रिपोर्ट भी बनाई।

जिसके आधार पर एनजीटी ने राज्य सरकार को पूरे प्रकरण में खनन नीति व नियमावली के आधार पर कार्रवाई के लिए कहा था। वहां से सभी क्रशरों को राहत मिल गई थी। जिसके बाद हिमालय स्टोन व हिमालय ग्रिड्स का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।

अधिवक्ता मैनाली के मुताबिक, नवंबर 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी को निर्देश देते हुए कहा था कि पुराना प्रकरण होने की वजह से इसे अलग से सुना जाए, जिसके बाद दस मई को एनजीटी ने फैसला देते हुए कहा कि दोनों क्रशरों का संचालन बंद किया जाए। आबादी के बीच होने और प्रदूषण को इसकी वजह बताया गया है।

पीसीबी को जांच और जुर्माने के आदेश

क्रशरों में रोजाना भारी मात्रा में पानी का इस्तेमाल होता है। इसके लिए नलकूपों का इस्तेमाल किया जाता है। अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली के मुताबिक, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने पीसीबी को भी आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया कि भूमिगत जल के दोहन की जांच की जाए। उसके बाद जुर्माना राशि तय होगी।

Leave a Response