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ई-लर्निंग क्लासेज से डिजिटल साक्षर हो रहे हैं सरकारी स्कूल के बच्चे

पौड़ी: प्रदेश में शिक्षा के स्तर में लगातार गिरावट दर्ज की गई है. कहीं-कहीं स्कूलों में छात्र तो हैं, लेकिन शिक्षकों के अभाव में उनकी शिक्षा पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है, जिसके चलते स्कूलों के परीक्षा परिणाम में भी गिरावट देखी जा रही है.

अब पौड़ी जिले के विभिन्न विद्यालयों में केंद्र सरकार द्वारा वर्चुअल क्लासेज (ई-लर्निंग क्लासेज) चलाई जा रही है, जिससे छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा मिल सके. इसकी शुरुआत जिले के 70 विद्यालयों में हो चुकी है.

उत्तराखंड बनने के बाद अच्छी शिक्षा के लिए लोगों ने तेजी से शहरों की तरफ रुख करना शुरू कर दिया. इसका आलम ये रहा कि आज हमारे गांव के गांव खाली हो गए हैं.

वर्तमान स्थिति की अगर बात की जाए तो बहुत से ऐसे क्षेत्र हैं, जहां पर एक या दो शिक्षकों के भरोसे ही पूरा विद्यालय चल रहा है. इसके चलते शिक्षा के स्तर में गिरावट आना भी लाजमी है

, शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए ई-लर्निंग क्लास की मदद से छात्र-छात्राओं को अच्छी शिक्षा देने का प्रयास किया जा रहा है. जिन विद्यालयों में लंबे समय से शिक्षकों की कमी चल रही है और यहां पर नए पद नहीं भरे जा रहे हैं, उन विद्यालयों में ई-लर्निंग क्लास की मदद से शिक्षा दी जा रही है.

ई-लर्निंग क्लास का समय सुबह 9:30 से दोपहर 2:30 बजे तक है. इन क्लासों में बच्चे प्रोजेक्टर के माध्यम से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं. ई-लर्निंग क्लास में उच्च स्तर के शिक्षकों द्वारा बच्चों को पढ़ाया जा रहा है. इन क्लासों में पढ़ने में बच्चे भी अपनी रुचि दिखा रहे हैं.

छात्रों का कहना है कि सरकार की ये पहल बहुत ही सराहनीय है, जबकि शिक्षक भी सरकार के इस कदम से फूले नहीं समा रहे हैं. पौड़ी जिले में अब तक 70 ऐसे विद्यालय हैं,

जहां इसकी शुरुआत की जा चुकी है. साथ ही शिक्षा विभाग की ओर से जिले के ऐसे विद्यालय जहां शिक्षकों की कमी चल रही है, वहां भी ई-लर्निंग क्लास की मदद से शिक्षकों की कमी को दूर करने के साथ-साथ अच्छी शिक्षा प्रदान करने का काम किया जाएगा.

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