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जनरल बिपिन रावत कर रहे थे सेनाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कड़ी मेहनत-PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यूपी के बलरामपुर में सरयू नाहर राष्ट्रीय परियोजना का उद्घाटन किया. उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में लोग शामिल हो गए हैं.सीएम योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ में एयरपोर्ट पर पीएम का भव्य स्वागत किया. गोरखपुर में सात दिसंबर को देश को बड़ा खाद का कारखाना व एम्स गोरखपुर समर्पित करने के चार दिन बाद पीएम मोदी पांच नदियों और  नौ जनपदों को जोड़ने वाली इस राष्ट्रीय परियोजना का शुभांरभ किया. जिसका काम 1971 में किया गया था, लेकिन इसको अंजाम तक लाने का काम उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने किया.

ये नहर 14 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि की सिंचाई के लिए सुनिश्चित पानी प्रदान करेगी और क्षेत्र के लगभग 29 लाख किसानों को लाभान्वित करेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी में संबोधन के दौरान कहा, राष्ट्र निर्मातों और राष्ट्र रक्षकों की इस धरती से मैं आज देश के उन सभी वीर योद्धाओं को श्रद्धांजलि देता हूं, जिनका 8 दिसंबर को हेलीकॉप्टर हादसे में निधन हो गया.

पीएम मोदी ने कहा, देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत जी का जाना हर भारत प्रेमी के लिए बहुत बड़ी क्षति है. जनरल बिपिन रावत जी जितने जांबाज थे, देश की सेनाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जितनी मेहनत करते थे, पूरा देश उसका साक्षी है. जनरल बिपिन रावत आने वाले दिनों में अपने भारत को नए संकल्पों के साथ, वे जहां होंगे वहां से भारत को आगे बढ़ते हुए देखेंगे.

उन्होंने आगे कहा, दुख में है लेकिन दर्द सहते हुए भी हम ना अपनी गति रोकते हैं और ना प्रगति. भारत रुकेगा नहीं, भारत थमेगा नहीं. देश की सीमाओं की सुरक्षा को बढ़ाने का काम, बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने का काम, देश की सेनाओं को आत्मनिर्भर बनाने का अभियान, तीनों सेनाओं में तालमेल बेहतर करने का काम, ऐसे अनेक काम तेजी से आगे बढ़ता रहेगा.

यूपी,देवरिया के रहने वाले ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह जी का जीवन बचाने के लिए डॉक्टर जी-जान से लगे हुए हैं.मैं मां पाटेश्वरी से उनके जीवन की रक्षा की प्रार्थना करता हूं.देश आज वरुण सिंह जी के परिवार के साथ है, जिन वीरों को हमने खोया है, उनके परिवारों के साथ है. देश की नदियों के जल के सदुपयोग हो, किसानों के खेत तक पर्याप्त पानी पहुंचे, ये सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है.

‘सरकारी पैसा है तो मुझे क्या’

पीएम मोदी ने सरकारी पैसे पर टिप्पणी करते हुए कहा, सरकारी पैसा है तो मुझे क्या, ये सोच देश के संतुलित और संपूर्ण विकास में सबसे बड़ी रुकावट बन गई थी. इसी सोच ने सरयू नहर परियोजना को लटकाया भी, भटकाया भी. आज से करीब-करीब 50 साल पहले इस पर काम शुरु हुआ था और आज इसका काम पूरा हुआ है.

जब इस परियोजना पर काम शुरू हुआ था, तो इसकी लागत 100 करोड़ रुपए से भी कम थी. आज ये लगभग 10 हज़ार करोड़ रुपए खर्च करने के बाद पूरी हुई है.पहले ही सरकारों की लापरवाही की 100 गुना ज्यादा कीमत देश को चुकानी पड़ी है.सरयू नहर परियोजना में जितना काम 5 दशक में हो पाया था, उससे ज्यादा काम हमने 5 साल से पहले करके दिखाया है. यही डबल इंजन की सरकार है.

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