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पुरोला में कूड़ा डंपिग जोन बना आमजन के लिए मुसीबत

पुरोला: नगर क्षेत्र में स्थित पुरोला-मोरी मोटर मार्ग पर बना नगर पंचायत का अस्थायी कूड़ा डंपिग जोन आमजन के लिए मुसीबत बन गया है। गंदगी के साथ ही बंदरों, आवारा पशुओं का अड्डा बना हुआ है। मोरी और हरकीदून, केदारकांठा जाने वाले ग्रामीणों व पर्यटकों को डंपिग जोन की गंदगी की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

पुरोला नगर पंचायत बने आठ वर्ष का समय हो चुका है। लेकिन अभी तक नगर पंचायत के पास स्थायी रूप से कूड़ा डंपिग जोन नहीं है। जिस कारण नगर से एकत्रित होने वाले कूड़े का निस्तारण नहीं हो रहा है। नगर से एकत्रित होने वाले कूड़े को नगर से 500 मीटर दूर पुरोला मोरी मोटर मार्ग के किनारे डाला जा रहा है। जहां कूड़े का पहाड़ खड़ा हो गया है। वहां से सुनाली, श्रीकोट, घुंडाडा गांव के बच्चे पुरोला नगर के स्कूलों में पढ़ने के लिए आते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि यहां पर डंपिग जोन से आवागमन में बड़ी परेशानी हो रही है। वहीं आए दिन दुर्गध फैली रहती है। बरसात व गर्मियों में तो बहुत ही बुरे हालात हो जाते हैं। ढलान होने के कारण कूड़े की गंदगी नीचे कमल नदी तक पहुंच जाती है। वहीं नगर पंचायत अध्यक्ष हरिमोहन नेगी ने कहा कि स्थायी डंपिग जोन स्थल के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ संयुक्त सर्वेक्षण कर डंपिग जोन चिह्नित किया जा रहा है। जिसका प्रस्ताव वन विभाग के पास लंबित है।
कूड़ा डंपिग जोन को लेकर नगर पंचायत के प्रस्ताव पर मुख्य वन संरक्षक कार्यालय वन अधिनियम अधिकार प्रमाण पत्र के लिए कार्रवाई चल रही है। लेकिन अनुसूचित जाति बाहुल्य रामा गांव के ग्रामीणों का इस डंपिंग जोन को लेकर विरोध है। इसको लेकर नगर पंचायत से जवाब मांगा गया है। अभी तक नगर पंचायत की ओर से जवाब नहीं आया है।

-सुबोध कुमार काला, प्रभागीय वनाधिकारी टौंस पुरोला

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