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60 साल में 20 मीटर तक सिकुड़ गई गंगा

देहरादून,जीवनदायिनी गंगा बीते 60 वर्षों में अतिक्रमण से कई जगह सात से 20 मीटर तक सिकुड़ गई है। यह खुलासा गंगा को नया जीवन प्रदान करने के लिए शुरू किए गए प्रोजेक्ट नमामि गंगे के तहत किए जा रहे शोधों में हुआ है।

गंगा की घटती चौड़ाई की सबसे बड़ी वजह अतिक्रमण को बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यही हालात रहे तो भविष्य में स्थिति और भी खतरनाक होने की आशंका है।

भारतीय राष्ट्रीय कार्टोग्राफिक संघ (आइएनसीए) की 39वीं कांग्रेस में गंगा पर अध्ययन कर रहे पीयूष गुप्ता ने पिछले 60 वर्षों के दौरान गंगा में आए बदलावों की जानकारी दी। पीयूष नमामि गंगे प्रोजेक्ट में बतौर असिस्टेंट रियल टाइम इंफॉरमेशन स्पेशलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि 1958 से 1972 के बीच अमेरिका की एजेंसी सीआइए की ओर से ली गई सेटेलाइट तस्वीरों का आज की तस्वीरों से मिलान करने पर पता चलता है कि गंगा अपने बहाव का पैटर्न बदल चुकी है। पर्यावरण में हो रहे बदलाव और अतिक्रमण के कारण गंगा के बहाव क्षेत्र में लगातार कमी आ रही है।

बकौल पीयूष, 60 के दशक में सीआइए ने गंगा की आठ हजार से ज्यादा सेटेलाइट तस्वीरें ली थीं। यह तस्वीरें नासा की वेबसाइट पर मौजूद हैं। इन्हीं तस्वीरों को आधार बनाकर सर्वे ऑफ इंडिया के साथ मिलकर नमामि गंगे प्रोजक्ट में बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है।

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