नेतागिरी

चुनाव प्रचार में अपनी विधानसभा श्रीनगर तक ही सिमटे गणेश गोदियाल

चुनावी समर में सभी राजनीतिक दलों ने अपनी ताकत झोंकी हुई है. सभी पार्टी कार्यकर्ताओं से लेकर दिग्गज मैदान में डोर टू डोर प्रत्याशियों के लिए वोट मांग रहे हैं. इस कड़ी में भारतीय जनता पार्टी ने अपने सब दिग्गजों को चुनावी मैदान में झोंक दिया है. वहीं, कांग्रेस अभी भी पिछड़ी हुई दिख रही है.

किसी भी युद्ध में सेनापति की रणनीति ही उसकी जीत सुनिश्चित करती है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की बात करें, तो वह श्रीनगर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. राजनीतिक विशेषज्ञों की माने तो जहां गोदियाल के नेतृत्व में पहली बार कांग्रेस विधानसभा चुनाव लड़ रही है. वहीं, उनकी अपनी हॉट सीट होने के कारण वह अन्य विधानसभाओं में समय नहीं दे पा रहे हैं. ऐसे में यह गणेश गोदियाल की बड़ी अग्निपरीक्षा मानी जा रही है.

गणेश गोदियाल को कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष बनाकर गढ़वाल मंडल को साधने की कोशिश की थी. राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोदियाल अपनी विधानसभा तक ही सीमित रह गए हैं. जहां इस समय अन्य विधानसभाओं में प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव प्रचार की अहम भूमिका बन जाती है. ऐसे समय में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अपनी हॉट सीट पर उलझ कर रह गए हैं. जिसका खामियाजा कहीं न कहीं कांग्रेस को इस विधानसभा चुनाव में उठाना पड़ सकता है.

कांग्रेस प्रदेश संगठन महामंत्री मथुरा दत्त जोशी का कहना है कि कांग्रेस प्रदेशा अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पहली बार चुनाव लड़ा जा रहा है. वह लगातार अन्य विधानसभाओं में भी प्रचार कर रहे हैं. साथ ही वह स्वयं भी चुनाव लड़ रहे हैं और यह उनकी अग्निपरीक्षा है.

इस इस विधानसभा चुनाव में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे और कांग्रेस सरकार बनाएगी. वहीं, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विनोद सुयाल ने कहा बीजेपी नेता और कार्यकर्ता हर विषम परिस्थिति में चुनाव प्रचार कर रहे हैं. वहीं, कांग्रेस मात्र एसी कमरों से ही चुनाव प्रचार करने तक सीमित है.

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