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पूर्व विधायक ने स्वास्थ्य सुविधाओं पर जताई चिंता

कोटद्वारः यमकेश्वर विधानसभा के डाडामंडी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इन दिनों स्वास्थ्य सुविधाएं पूरी तरह चरमरा गई है. कभी स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर नहीं तो कभी दवाइयां नहीं.

ऐसे में ग्रामीणों को इलाज के लिए कोटद्वार बेस अस्पताल का रुख करना पड़ रहा है. पूर्व विधायक शैलेंद्र सिंह रावत का कहना है कि अगर क्षेत्र में जल्दी ही स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त नहीं किया गया तो वो जनता के साथ सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे.

यमकेश्वर विधानसभा के डाडामंडी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली को लेकर पूर्व विधायक ने सरकार पर जमकर हमला बोला है.

उनका कहना है कि स्वास्थ सेवाओं को दुरुस्त करने के लिए वे स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत सीएमओ, जिलाधिकारी व विधायक से की लेकिन, फिर भी स्वास्थ्य सुविधाएं जस की तस है.

वहीं, पूर्व विधायक रावत कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का बुरा हाल है. लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही. अब सरकार को जगाने के लिए उन्हें जनता को साथ लेकर सड़कों पर आंदोलन करना पड़ेगा.

पूर्व विधायक शैलेंद्र रावत ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में सभी सीएचसी और पीएचसी का बुरा हाल है. अधिकांश स्वास्थ्य केंद्र स्टाफ की कमी से जूझ रहे हैं.

उन्होंने कहा कि यमकेश्वर विधानसभा के डाडामंडी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कभी डॉक्टर नहीं बैठता कभी नर्स, फार्मेसिस्ट और अन्य स्टाफ भी हीलाहवाली करते रहते हैं. ऐसी शिकायतें पर्वतीय क्षेत्रों में आम बात है.

शैलेंद्र रावत ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं की ओर आंख मूंदे बैठी है. सरकार को दूर-दूर तक जनता से कोई सरोकार नहीं है. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे तो इस गूंगी-बहरी सरकार को जागने के लिए वो जनता के साथ सड़क पर उतकर बड़ा आंदोलन करेंगे.

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