राष्ट्रीय

800 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गुजरात के पूर्व गृह मंत्री अरेस्ट

गुजरात के पूर्व गृहमंत्री विपुल चौधरी को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने गिरफ्तार कर लिया है. अमेरिका में रह रहे बिपुल चौधरी पर गुजरात में दूध सागर डेयरी का चेयरमैन रहते हुए करीब 800 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप है. बिपुल चौधरी वर्ष 2005 से 2016 तक डेयरी के चेयरमैन रहे थे. इससे पहले वर्ष 1996 में वह शंकर सिंह बघेला की सरकार में गुजरात के गृहमंत्री थे. ACB बिपुल चौधरी के साथ उनके PA शैलेश पारीख को भी गिरफ्तार कर गंभीरता से पूछताछ शुरू कर दी है.

बता दें कि डेयरी कोष में हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद गुजरात कोऑपरेटिव विभाग ने ज्वाइंट रजिस्टार पीएस उपाध्याय ने जांच की थी. इस जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर उन्होंने मेहसाना स्थित ACB थाने में 15 सितंबर को लिखित शिकायत दी. इसमें उन्होंने बिपुल चौधरी के अलावा उनकी पत्नी गीता बेन, बेटे पवन के अलावा शैलेश को आरोपी बनाया है. इसमें बताया कि चौधरी अपनी पत्नी और बेटे के साथ अमेरिका में रह रहे थे. इस शिकायत पर केस दर्ज करने के बाद अहमदाबाद क्राइम ब्रांच और ACB गुजरात की संयुक्त टीम ने उन्हें गिरफ्तार किया है.

CID ने 2020 में किया था गिरफ्तार

जानकारी के मुताबिक इससे पहले वर्ष 2020 में बिपुल चौधरी को सीआईडी ने गिरफ्तार किया था. उस समय उनकी गिरफ्तारी 14.80 करोड़ की बोनस घोटाले में हुई थी. इस मामले में फरवरी 2021 में गुजरात हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दी थी. उस समय प्रथम दृष्टया यह प्रमाणित नहीं हो पाया था कि बिपुल चौधरी ने 22 लाख 50 हजार 26 हजार 628 रुपये की गड़बड़ी की है.

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