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इस मंदिर में सुख शांति के लिए कलावे की गांठ लगाने से पूरी होती है मन्नत

हरदोई जिले में संतोषी माता का बहुत प्राचीन विशाल मंदिर है. इस मंदिर में दांपत्य जीवन में सुख शांति के लिए माता की पूजा अर्चना की जाती है. वही इस मंदिर से जुड़ी हुई कई पौराणिक कहानियां भी हैं. मंदिर के पुजारी सुनील शास्त्री ने बताया कि यह मंदिर हरदोई के जिला बनने से पहले से विद्यमान है. कुछ लोग तो इसे अंग्रेजी हुकूमत के पहले का भी बता रहे हैं. मंदिर में दांपत्य जीवन में सुख एवं शांति के लिए विशेष पूजा-अर्चना का विधान है. मंदिर में पहले एक विशालकाय पीपल का वृक्ष हुआ करता था. जिसमें माता के पदचिन्ह की आकृति भी थी.

आज भी मंदिर में आने वाले लोग उस पीपल के स्थान वाली जगह की पूजा अर्चना करके माता की पूजा अर्चना शुरू करते हैं. हरदोई जिले के लोग इस मंदिर में शादी के तुरंत बाद जाते हैं. यहां के निवासियों का ऐसा मानना है कि संतोषी माता की पूजा अर्चना करने से दांपत्य जीवन में संतोष की प्राप्ति होती है. शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र भी माता के दर्शन करके विद्या का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं.

माता के आर्शीवाद से जिला है खुशहाल

वैसे तो इस मंदिर में राजनेताओं का भी आना जाना लगा रहता है. हरदोई जिले के भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेश अग्रवाल और उनके पुत्र सदर विधायक और प्रदेश सरकार में मंत्री नितिन अग्रवाल और उनके परिवार का इस मंदिर से अटूट नाता है. वह अक्सर मां का आशीर्वाद लेने के लिए परिवार समेत इस मंदिर में पहुंचा करते हैं. मंत्री नितिन अग्रवाल का कहना है कि माता का यह रूप हरदोई जिले के समस्त निवासियों पर संतोष की छाया बनाए हुए है, इसीलिए हरदोई सदैव खुशहाल और हर विघ्न बाधा से दूर रहा है.

वहीं पिछले काफी सालों से मंदिर में जाने वाले भक्त अंशू धवन का कहना है कि इस मंदिर में अक्सर चमत्कार देखे जाते हैं. कोरोना के हाल में भी मंदिर में कोविड नियमों के चलते पूजा-अर्चना का दौर जारी रहा था. इस मंदिर में मन्नत प्राप्ति के लिए लोग कलावा बांधना नहीं भूलते हैं. ऐसा मानना है कि मंदिर में कलावे की गांठ बांधकर मन्नत मांगी जाती है और मन्नत पूरी होने के बाद में कलावा खोलने के बाद माता की विधि विधान से पूजा अर्चना की जाती है.

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