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लोकगायिका बीना तिवारी को किया सम्मानित

रुद्रपुरः पहाड़ी समाज के लोगों द्वारा लोक गायिका डॉ. बीना तिवारी के लिए सम्मान समारोह का आयोजन किया. इस दौरान लोक गायक हीरा सिंह राणा सहित तमाम लोकगायक मौजूद रहे.

इस मौके पर कुमाऊं और गढ़वाल की संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने का काम करने वाली लोक गायिका बीना तिवारी को सम्मानित किया गया.

वहीं, कार्यक्रम की शुरुआत महिलाओं ने शगुन आंखर गाकर की. साथ ही डॉ. बीना तिवारी पर केंद्रित डाक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया.

जिसमे आकाशवाणी रामपुर की प्रोग्राम डायरेक्टर मंदीप कौर चड्ढा, डॉ. माधुरी बर्थवाल, डॉ. अजय रावत, नफीस सिद्दीकी ने बीना के साथ अनुभवों को साझा करते उनके योगदान की सराहना की.

इस मौके पर आकाशवाणी रामपुर के कलाकार और लोकगायक सुरेंद्र राजेश्वरी ने अल्मोड़ा बाजार कमला न मार झटका, रंगीली बिंदी घाघरी काई, गाया तो सभागार तालियों से गूंज उठा.

उधर, लोकगायिका कमला देवी ने झन दिया बौज्यू छाना बिलोरी, बसंती तेरी गुलाबी सारी, हीरा सिंह राणा ने कै लिखूं पहाड़ा की सैंणू कू गीत, आजकल हैरो ज्वाना मेरी नोली पराणा, लोकगायक प्रहलाद मेहरा ने म्येरी मधुरी जा रे ब्यूटी पार्लर गाकर सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया. इस दौरान कार्यक्रम में पहाड़ी समाज के लोगों ने जमकर शिरकत की.

पद्मश्री प्रोफेसर डॉ. शेखर पाठक ने कहा कि जितना सम्मान लोकगायकों का होना चाहिए, समाज से उतना सम्मान नहीं हो पाता है.

जिस मिट्टी में हम पले बढ़े हैं, उसे नहीं भूलना चा‌हिए. प्रवासी लोगों ने अपनी बोली, गीतों को जानना शुरु किया है. उन्होंने कहा कि आप जहां भी है वहां की वेशभूषा को अपनाना अच्छी बात है, लेकिन अपनी मिट्टी की भाषा को नहीं भूलना चाहिए.

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