नेतागिरी

राहुल गांधी की रैली टिकट के दावेदारों के लिए अग्नि परीक्षा

देहरादून। राहुल गांधी की 16 दिसंबर की रैली कांग्रेस में टिकट के दावेदारों के लिए अग्नि परीक्षा होगी। बूथों से ज्यादा से ज्यादा व्यक्तियों को रैली में लाने की जिम्मेदारी संभावित प्रत्याशियों को दी गई है। हर बूथ से तकरीबन पांच व्यक्ति लाने का लक्ष्य रखा गया है।

2022 में उत्तराखंड की सत्ता के लिए दावेदारी जता रही कांग्रेस चार दिसंबर की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली से ज्यादा भीड़ राहुल की रैली में जुटाने की तैयारी कर रही है। दरअसल इस रैली के माध्यम से शक्ति प्रदर्शन भी किया जाएगा। राज्य में जिस तरह हर पांच साल में सरकार बदलती रही है, कांग्रेस को उम्मीद है कि यह सिलसिला आगे भी जारी रहने वाला है। इसलिए राज्य में अगले विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत झोंकी जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी उत्तराखंड से लगाव जाहिर करते रहे हैं। तीन माह में वह लगातार तीन बार उत्तराखंड का दौरा कर चुके हैं। ऐसे में कांग्रेस अब पलटवार करना चाहती है।

कई राज्यों से टीम मोर्चे पर डटी

उत्तराखंड पर किए गए फोकस का अंदाजा इससे लग सकता है कि छत्तीसगढ़, झारखंड और राजस्थान से नेताओं की टीम को मोर्चे पर उतारा जा चुका है। राहुल की रैली के लिए भीड़ जुटाने का बड़ा दारोमदार टिकट के दावेदारों पर रहेगा। बूथ से जितनी संख्या में भीड़ जुटेगी, टिकट पर दावेदारी उतनी ही मजबूती से मानने के संकेत दिए गए हैं। पार्टी ने बड़े से लेकर छोटे नेताओं को उनके निजी वाहनों से दूरदराज से व्यक्तियों को लाने का लक्ष्य दिया है। पार्टी ने बीते दिनों न्याय पंचायत और गांव स्तर पर जनसंपर्क पर ध्यान दिया है। इससे बनने वाले वातावरण से पार्टी यह उम्मीद कर रही है कि रैली में काफी संख्या में लोग आएंगे।

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